सुपौल: बिहार के सुपौल में सोमवार की सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने यात्रियों के सफर को मातम में बदल दिया। पटना से अररिया जिले के जोगबनी जा रही देव ट्रेवल की बस झाझा गांव के पास सड़क किनारे पहले से खड़े एक ट्रक में पीछे से जा घुसी। बताया जा रहा है कि दूसरी बस को ओवरटेक करने के दौरान यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के खलासी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। बस में करीब 30 यात्री सवार थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों के बीच चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
घटना सुपौल जिले के भपटियाही थाना क्षेत्र अंतर्गत सरायगढ़ पंचायत के झाझा गांव के पास की है। सोमवार की सुबह देव ट्रेवल की बस पटना से यात्रियों को लेकर जोगबनी की ओर जा रही थी। सफर सामान्य तरीके से चल रहा था, लेकिन झाझा गांव के पास पहुंचते ही ओवरटेक की कोशिश जानलेवा साबित हो गई। सड़क पर पहले से खड़े पटाखों की सामग्री से लदे ट्रक से बस की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्रियों को चोटें आईं।
ओवरटेक की जल्दबाजी बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस चालक आगे चल रही दूसरी बस को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान एनएच-27 पर पहले से खड़ा ट्रक सामने आ गया और बस सीधे उसके पिछले हिस्से से टकरा गई। अचानक हुई इस टक्कर से बस में बैठे यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। किसी को सीट से टकराने के कारण चोट लगी तो कोई बस के भीतर झटके से घायल हो गया।
बस में करीब 30 लोग सवार थे। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों की मदद की और पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी। हादसे की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर ओवरटेक करने में बरती जाने वाली लापरवाही और सड़क पर खड़े भारी वाहनों से जुड़े जोखिम को सामने ला दिया है।
मौके पर ही खलासी ने तोड़ा दम
इस दुर्घटना में बस के खलासी भगीरथ झा (44) की मौके पर ही मौत हो गई। वह करजाईन थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव के वार्ड संख्या-7 निवासी विजय नारायण झा के पुत्र थे। हादसे में उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस सफर पर वह निकले थे, वही सफर उनके परिवार के लिए कभी न भूलने वाला दुख बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, टक्कर काफी जोरदार थी। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों को बाहर निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की गई। खलासी की मौत से घटनास्थल पर शोक का माहौल बन गया।
छह यात्री गंभीर, एक को सदर अस्पताल किया गया रेफर
हादसे में छह यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में उत्तर प्रदेश के संभल जिले के जसपाल सिंह (43), सुपौल जिले के वीरपुर निवासी जयशंकर कुमार सिंह (49) और रिद्धि सिंह (17), वैशाली जिले के हाजीपुर निवासी अवधेश कुमार शर्मा (40), नीरज कुमार (18) तथा वीरपुर के अशोक कुमार (40) शामिल हैं। बस में सवार अन्य यात्रियों को भी चोटें आईं, हालांकि उनकी चोटें अपेक्षाकृत मामूली बताई गई हैं।
घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की एंबुलेंस से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), सरायगढ़-भपटियाही पहुंचाया गया। वहां डॉ. लक्ष्मीकांत राय ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर रूप से घायल जसपाल सिंह की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल सुपौल रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों का भी उपचार शुरू किया गया।
बस छोड़कर फरार हुआ चालक, पुलिस ने जब्त किए वाहन
हादसे की सूचना मिलते ही भपटियाही थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस और ट्रक को जब्त कर लिया है। हादसे के बाद बस चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश और दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी है। भपटियाही थानाध्यक्ष जयप्रकाश चौधरी ने बताया कि मृतक भगीरथ झा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस घटना की विस्तृत जांच कर रही है।
फिलहाल हादसे में एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया है, जबकि छह यात्री गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंचे हैं। एनएच-27 पर हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओवरटेक के दौरान थोड़ी-सी चूक कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है, सुपौल का यह हादसा इसकी दर्दनाक मिसाल बन गया है।





