Bihar Crime : सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। मनिकाचक गांव के एक खेत से 37 वर्षीय अजय राय का शव बरामद होने के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया।
मृतक की पहचान मनिकाचक गांव निवासी अजय राय के रूप में हुई है, जो गुलाब राय के पुत्र थे। अजय राय गांव में किराना दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।
घटना को लेकर मृतक की पत्नी बबिता देवी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनके पति की हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया गया। बबिता देवी के बयान के आधार पर दरियापुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, जिसमें आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार अजय राय के खिलाफ किसी पुराने मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी था। इसी वजह से पुलिस उनकी तलाश कर रही थी और लगातार दबिश दे रही थी। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए अजय राय अपने घर पर नहीं सोए थे। उन्होंने गांव के ही किसी अन्य व्यक्ति के दरवाजे पर रात बिताने की योजना बनाई थी ताकि पुलिस की नजरों से बच सकें।
हालांकि रात में क्या हुआ और अजय राय वहां से खेत तक कैसे पहुंचे, यह अब भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है। जब कुछ ग्रामीण खेत की ओर गए तो उन्होंने वहां एक व्यक्ति का शव पड़ा देखा। पास जाकर पहचान करने पर पता चला कि वह अजय राय हैं। इसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद दरियापुर थाना की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ ग्रामीण इसे आपसी रंजिश से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी के दबाव के बीच हुई इस मौत को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, जिन लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया है, उनके घरों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद कुछ आरोपी परिवार के सदस्य घर छोड़कर चले गए हैं।
अजय राय अपने भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा पांच बच्चे हैं, जिनमें दो पुत्र और तीन पुत्रियां शामिल हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तरह अजय राय के कंधों पर थी। उनकी अचानक मौत से परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक संकट भी खड़ा हो गया है।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों पर स्थिति और स्पष्ट होगी। वहीं दर्ज प्राथमिकी के आधार पर सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।





