ब्रेकिंग
बिहार में उच्च शिक्षा की खुली पोल: NIRF रैंकिंग में निराशाजनक प्रदर्शन, Top 100 में एक भी विश्वविद्यालय नहींइंटरनेशनल फेक करेंसी गैंग का सरगना बिहार से अरेस्ट, STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर एक्शनपटना में दिनदहाड़े युवक-युवती पर चाकू से हमला, वायरल वीडियो से मचा हड़कंपपाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास बड़ा धमाका, अबतक 23 की मौत; 47 लोग घायलWHO ने इबोला को घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरीबिहार में उच्च शिक्षा की खुली पोल: NIRF रैंकिंग में निराशाजनक प्रदर्शन, Top 100 में एक भी विश्वविद्यालय नहींइंटरनेशनल फेक करेंसी गैंग का सरगना बिहार से अरेस्ट, STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर एक्शनपटना में दिनदहाड़े युवक-युवती पर चाकू से हमला, वायरल वीडियो से मचा हड़कंपपाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास बड़ा धमाका, अबतक 23 की मौत; 47 लोग घायलWHO ने इबोला को घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

समस्तीपुर : भारत बंद के कारण यातायात ठप, विपक्षी पार्टियों ने जमकर की नारेबाजी

SAMASTIPUR : किसान आंदोलन के समर्थन में आहूत भारत बंद का समस्तीपुर में खासा असर देखने को मिल रहा है. सुबह से ही घने कोहरे के बीच तमाम विपक्षी पार्टियों ने सड़क पर उतरकर जगह जगह

समस्तीपुर : भारत बंद के कारण यातायात ठप, विपक्षी पार्टियों ने जमकर की नारेबाजी
First Bihar
2 मिनट

SAMASTIPUR : किसान आंदोलन के समर्थन में आहूत भारत बंद का समस्तीपुर में खासा असर देखने को मिल रहा है. सुबह से ही घने कोहरे के बीच तमाम विपक्षी पार्टियों ने सड़क पर उतरकर जगह जगह यातायात को बंद कर दिया है. बंद में वामपंथी संगठनों के साथ ही आरजेडी, कांग्रेस, आरएलएसपी, जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ता भी आंदोलन में शामिल हैं. 


समस्तीपुर शहर के ओवरब्रिज के पास सड़क जाम का नेतृत्व आरजेडी विधायक और प्रदेश प्रवक्ता अख्तरुल इस्लाम शाहीन कर रहे थे. जबकि ताजपुर में एनएच 28 पर सड़क जाम भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अगुआई में विपक्षी दल के कार्यकर्ता और किसान प्रदर्शन कर रहे थे. भारत बंद की वजह से समस्तीपुर में सुबह से आवागमन पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है, जबकि बाजार की अधिकांश दुकानें भी बंद हैं.


सड़कों पर जुलूस भी निकाले जा रहे है और केंद्र सरकार द्वारा लाये गए किसान बिल के विरोध में नारेबाजी की जा रही है. नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जबतक केंद्र सरकार इस काले कानून को वापस नहीं लेती है तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. नेताओं ने किसान बिल को देश के किसानों की बदहाली के साथ ही बड़े बड़े पूंजीपतियों के हित मे लाया गया कदम बताया. 

रिपोर्टिंग
R

रिपोर्टर

Ramesh Rai

FirstBihar संवाददाता