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सहरसा में भास्कर महोत्सव का आयोजन नहीं होने से लोग नाराज़, पूर्व विधायक किशोर कुमार का सरकार पर हमला

SAHARSA: सहरसा में पिछले साल छठ पूजा के मौके पर भास्कर महोत्सव की शुरुआत की गई थी, लेकिन इस साल इसका आयोजन नहीं कराया गया। इसको लेकर लोगों में नाराज़गी देखने को मिल रही है। इसको लेक

सहरसा में भास्कर महोत्सव का आयोजन नहीं होने से लोग नाराज़, पूर्व विधायक किशोर कुमार का सरकार पर हमला
First Bihar
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SAHARSA: सहरसा में पिछले साल छठ पूजा के मौके पर भास्कर महोत्सव की शुरुआत की गई थी, लेकिन इस साल इसका आयोजन नहीं कराया गया। इसको लेकर लोगों में नाराज़गी देखने को मिल रही है। इसको लेकर पूर्व विधायक किशोर कुमार ने महागठबंधन की सरकार पर हमला बोला है। किशोर कुमार ने कहा है कि भास्कर महोत्सव के अवसर पर सन्ध्या अर्घ्य और उदयगामी सूर्य के समय नामचीन कलाकारों द्वारा प्रस्तुति की जाती थी। इस वर्ष आयोजन नहीं होने के कारण के सम्बन्ध में जिला प्रशासन के अधिकारियों पूछने पर वे बोलने से बचते रहे। लेकिन जितनी जानकारी मिली उससे पता चला कि कला संस्कृति एवं युवा विभाग से इस महोत्सव के आयोजन के सम्बन्ध में न निर्देश दिया गया न ही राशि आवंटित की गयी। 



पूर्व विधायक ने कहा कि पिछले साल कला संस्कृति और युवा विभाग द्वारा सहरसा में भास्कर महोत्स की शुरुआत की गयी थी और तत्कालीन बिहार सरकार के विभागीय मंत्री के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि ने यह घोषणा की थी कि भास्कर महोत्सव बिहार के कैलेंडर में शामिल किया गया है और यह हर साल आयोजित किया जाएगा। लेकिन अब यह कहा जा रहा कि जिला प्रशासन ने इसको गंभीरता से नहीं लिया इसलिए इस महोत्सव पर ग्रहण लग गया है। जबकि नियम यह है कि बिहार सरकार द्वारा किसी उत्सव/महोत्सव का घोषणा होता है तो सरकार उसे कैलेंडर में शामिल करती है और उसके सम्बन्ध में बजट में राशि का प्रावधान किया जाता है। जब राशि आवंटित नहीं हुई है इसका अर्थ यह हुआ कि राज्य सरकार ने भास्कर महोत्सव को कलेंडर में शामिल नही किया गया। यह कोशी कमिश्नरी मुख्यालय सहरसा के जनता के साथ धोखा है। 



सहरसा में वर्षों से कोशी महोत्सव मनाया जाता था। इसमें कोशी प्रमंडल के तीनों जिलों के सांस्कृतिक पुरातात्विक ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण तथा आंचलिक गीत-संगीत-नृत्य को बढ़ावा दिया जाता था। लेकिन पिछले तीन वर्ष से राजग सरकार द्वारा राशि उपलब्धता के बावजूद बन्द कर दिया था। बिहार सरकार द्वारा जब महिषी में उग्रतारा महोत्सव, बलवा में मटेश्वरधाम महोत्सव, देवना में वानेश्वरधाम महोत्सव, बनगांव में होली महोत्सव एवं रविदास महोत्सव मनाया जाता है तो भास्कर महोत्सव एवं कोशी महोत्सव को क्यों बन्द किया गया है?



किशोर कुमार ने बिहार सरकार से सवाल पूछा है कि सहरसा के साथ यह दोहरा और छल करने वाला व्यवहार कब तक करते रहेंगे? उन्होंने कहा कि पूर्व की राजग सरकार और वर्तमान की महागठबंधन सरकार दोनों ने मिलकर कोशी कमिश्नरी के मुख्यालय सहरसा के साथ सौतेला व्यवहार किया है, दोनों गठबंधन के जनप्रतिनिधियों ने सहरसा के जनता को ठगने का काम किया है। लेकिन मैं जबतक सहरसा की धरती पर हूं, सहरसा के साथ होने वाले हर अन्याय के विरोध में आवाज बुलंद करने का काम करता रहूंगा। सहरसा के लिए जिससे भी जहां भी लड़ना पड़े लड़ने का काम करूंगा। सहरसा ने जितना सामर्थ्य दिया है, उससे अधिक बढ़कर सहरसा की बेहतरी के लिए तन मन और धन से हमेशा की तरह खड़ा रहूंगा।

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