ब्रेकिंग
राजपूतों को कितना महत्व दे रही है भाजपा? सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अपनी ही पार्टी पर उठाए सवाल✦हाजीपुर जंक्शन पर 55 लाख की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार, दिवाली में खपाने की थी तैयारी ✦MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द करने की मांग, RJD ने सभापति को सौंपा ज्ञापन✦Bihar Ration Card : अब राशन दुकानों पर AI की नजर! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम✦ छठ से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन! KFC-डोमिनोज समेत कई दुकानों पर छापेमारी, गड़बड़ी मिलने पर लगा जुर्माना✦राजपूतों को कितना महत्व दे रही है भाजपा? सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अपनी ही पार्टी पर उठाए सवाल✦हाजीपुर जंक्शन पर 55 लाख की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार, दिवाली में खपाने की थी तैयारी ✦MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द करने की मांग, RJD ने सभापति को सौंपा ज्ञापन✦Bihar Ration Card : अब राशन दुकानों पर AI की नजर! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम✦ छठ से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन! KFC-डोमिनोज समेत कई दुकानों पर छापेमारी, गड़बड़ी मिलने पर लगा जुर्माना

बिहार: नदी के बीच फंसी 12 से अधिक शिक्षकों की नाव, डेढ़ घंटे तक कोसी में भटकती रही; ऐसे मिला किनारा

SAHARSA: सहरसा में कोसी नदी अपने पूरे उफान पर है। तटबंध के भीतर बसने वालों के लिए उफनती नदी को पार करने का एकमात्र साधन नाव ही है। ग्रामीणों के साथ सरकारी स्कूल के शिक्षकों को भी न

बिहार: नदी के बीच फंसी 12 से अधिक शिक्षकों की नाव, डेढ़ घंटे तक कोसी में भटकती रही; ऐसे मिला किनारा
Mukesh Srivastava
2 मिनट

SAHARSA: सहरसा में कोसी नदी अपने पूरे उफान पर है। तटबंध के भीतर बसने वालों के लिए उफनती नदी को पार करने का एकमात्र साधन नाव ही है। ग्रामीणों के साथ सरकारी स्कूल के शिक्षकों को भी नाव से नदी पार करना पड़ता है। नाव पर सवार करीब एक दर्जन शिक्षकों की जान उस वक्त खरते में आ गई जब नाव नदी में भटक गई।


बताया जा रहा है कि जिले के नवहट्टा प्रखंड के पूर्वी कोसी तटबंध के ई-टू घाट से मध्य विद्यालय परताहा बरहारा के लिए करीब एक दर्जन से अधिक शिक्षक एक नाव पर सवार होकर सुबह 7 बजे स्कूल जाने के लिए निकले थे। ई- टू घाट से नाव 7 बजे खुली जरूर लेकिन 9 बजे तक भी किनारे नहीं लग सकी जबकि प्रत्येक दिन शिक्षकों को मात्र 45 मिनट में ही पूर्वी भाग से पश्चिमी भाग तक लेकर नाविक चले जाते थे।


शिक्षकों को लेकर चली नाव एक से डेढ़ घंटे तक करीब 4 से 5 किलोमीटर की दूरी में भटकती रही। धुंध के कारण नाविक को किनारे का पता नहीं चल रहा था। जिसके कारण नाव पर बैठे शिक्षकों की सांस अटक चुकी थी हालांकि करीब ढाई घंटे के बाद नाव सुरक्षित किनारे लगी तब जाकर शिक्षकों ने राहत की सांस ली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है हालांकि फर्स्ट बिहार वायरल वीडियो के सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

रिपोर्टिंग
R

रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता