PATNA: निगरानी की टीम आए दिन भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। आए दिन घूसखोरों को पकड़ रही है, लेकिन रिश्वत लेने वाले अपने आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इस बात सहरसा में कार्रवाई की गयी है। पतरघट अंचल कार्यालय के अंचलाधिकारी (सीओ) राकेश कुमार और कम्प्यूटर ऑपरेटर राहुल कुमार को 20 हजार रूपये घूस लेते रंगे हाथ दबोचा गया है। इन्हे देखकर ऐसा लगता है कि घूसखोरों ने नहीं सुधरने की कसम खा ली है.
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने 11.07.2025 शुक्रवार को निगरानी थाना कांड सं0-52/25 दर्ज किया है। इन दोनों के बारे में शिकायत करने वाले कैलाश यादव सहरसा के पतरघट थाना क्षेत्र के तिलाठी के रहने वाले हैं। उन्होंने पटना निगरानी से शिकायत दर्ज कराया था कि आरोपी सीओ और कम्प्यूटर ऑपरेटर जमीन का दाखिल-खारिज करने के एवज में रिश्वत मांग रहा है।
परिवादी के शिकायत का सत्यापन कराया गया एवं सत्यापन के क्रम में आरोपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण पाया गया। प्रथम द्रष्टया आरोप सही पाये जाने के पश्चात उपरोक्त कांड अंकित कर अनुसंधानकर्ता विन्ध्याचल प्रसाद,पुलिस उपाधीक्षक,निगरानी अन्वेषण ब्यूरो,पटना के नेतृत्व में एक धावादल का गठन किया गया। धावादल द्वारा कार्रवाई करते हुए अभियुक्त राकेश कुमार,अंचलाधिकारी एवं राहुल कुमार, कम्प्यूटर ऑपरेटर,दोनों अंचल कार्यालय पतरघट,जिला सहरसा को 20,000/-(बीस हजार) रूपये रिश्वत लेते अंचल कार्यालय,पतरघट से रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
अभियुक्त से पूछताछ के उपरांत माननीय विशेष न्यायालय,निगरानी,भागलपुर में उपस्थित किया जायेगा। अग्रतर अनुसंधान की कार्रवाई की जा रही है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना का वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 52वीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई है। जिसमें यह ट्रैप संबंधी 43वां कांड है, जिसमें कांड दर्ज कर अभी तक कुल 47 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है तथा रिश्वत की कुल बरामद राशि 17,12,000/- (सतरह लाख, बारह हजार) रूपये है।
बताया जाता है कि पटना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहरसा जिले के पतरघट अँचलाधिकारी एवं उनके कंप्यूटर ऑपरेटर को घूस लेते हुए धर दबोचा है। जानकारी देते हुए निगरानी अन्वेशन ब्यूरो के डीएसपी विंध्याचल प्रसाद ने बताया कि परिवादी कैलाश यादव को अपनी बहन द्रोपदी देवी के 61.98 डिसमिल जमीन का दाखिल खारिज करवाना था। उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया और पतरघट सीओ राकेश कुमार से संपर्क किया। दाखिल खारिज के एवज में सीओ द्वारा उनसे 20,000 रुपये का डिमांड किया गया और कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल कुमार से संपर्क करने को कहा गया।
राहुल कुमार से संपर्क करने पर उसने कहा कि पैसे लेकर आईए, काम हो जाएगा। इसके बाद परिवादी कैलाश यादव ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में आवेदन दिया। सअनि मनिकांत सिंह द्वारा आवेदन का सत्यापन किया गया। शिकायत को सही पाते हुए धावा दल का गठन कर मुंगेर निवासी सीओ राकेश कुमार और मधेपुरा निवासी कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल कुमार को उनके कार्यालय में घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।







