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सहरसा में दूल्हा बाइक से पहुंचा दूल्हन के घर, कीचड़ भरे रास्ते ने खोली सिस्टम की पोल

BIHAR: सहरसा जिला के नवहट्टा प्रखंड के बरहारा गांव में सड़क नहीं होने के कारण दूल्हे को बाइक से कीचड़ भरे रास्तों से बारात निकालनी पड़ी। यह तस्वीर विकास के दावों पर सवाल खड़ा कर रही है।

बिहार न्यूज
सिस्टम हुआ बेनकाब
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

SAHARSA: सहरसा के नवहट्टा प्रखंड स्थित बरहारा गांव में एक दूल्हे को अपनी ही बारात बाइक से कीचड़ और पानी भरे रास्तों से निकालनी पड़ी। यह तस्वीर न सिर्फ गांव की बदहाल सड़कों की हकीकत बयां करती है, बल्कि विकास के दावों और सरकारी व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।


सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत बरहारा गांव की यह तस्वीर विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जिस गांव में लोग हाई टेक्नोलॉजी के साथ आधुनिक जीवन जीने का सपना देखते हैं, वहीं आज भी बुनियादी सुविधा यानी सड़क के अभाव में जिंदगी बदहाल है। जहां एक ओर शादी-ब्याह में बैंड-बाजे, चमचमाती गाड़ियों की लंबी कतार और शाही अंदाज में दूल्हा अपनी दुल्हन को लेने निकलता है, वहीं इस गांव में एक दूल्हे को अपनी ही शादी के लिए खेतों के कीचड़ और पानी से जूझते हुए बाइक का सहारा लेना पड़ा।  


यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर एक करारा तमाचा है। दरअसल डरहार पंचायत के बरहारा निवासी रविन झा जब अपनी शादी के लिए निकले तो आंखों में खुशी कम और हालात की मजबूरी ज्यादा झलक रही थी। खेतों के बीच, कीचड़ और पानी से भरे रास्तों पर बाईक चलाते हुए उनकी यह तस्वीर अब चर्चा का विषय बन गयी है।


 बताया जाता है कि पिछले 10 वर्षों से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस इलाके में सड़क निर्माण की बात सिर्फ कागजों में ही सीमित रह गया है। संवेदक की लापरवाही और सिस्टम की अनदेखी ने गांव के लोगों को बदहाली में जीने को मजबूर कर दिया है। यह तस्वीर जहां एक ओर लोगों को भावुक कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकारी व्यवस्था की नाकामी की परतें भी खोल रहा है। सवाल यह है कि आखिर कब तक गांव के लोग ऐसे ही अपने सपनों को कीचड़ में कुचलते देखेंगे।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता