ब्रेकिंग
बिहार की महिला शिक्षकों को बड़ी राहत, अब 5 अक्टूबर की जगह इस दिन रहेगी जिउतिया की छुट्टी; शिक्षा मंत्री ने जारी किया आदेश✦बिहार में 36 IPS अधिकारियों को मिली जिलों की जिम्मेदारी, ग्राउंड रिव्यू कर पुलिस मुख्यालय को सौंपेंगे रिपोर्ट✦समस्तीपुर छेड़खानी केस के आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन, PDS का लाइसेंस भी हुआ रद्द✦समस्तीपुर में नाबालिग बच्चियों से बदसलूकी मामला: ADG कमल किशोर ने की कार्रवाई की समीक्षा, पुलिस अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश✦रिटायरमेंट से करीब तीन महीने पहले DGP पद से हटाए गए विनय कुमार, बने बिहार के मुख्य सूचना आयुक्त✦बिहार की महिला शिक्षकों को बड़ी राहत, अब 5 अक्टूबर की जगह इस दिन रहेगी जिउतिया की छुट्टी; शिक्षा मंत्री ने जारी किया आदेश✦बिहार में 36 IPS अधिकारियों को मिली जिलों की जिम्मेदारी, ग्राउंड रिव्यू कर पुलिस मुख्यालय को सौंपेंगे रिपोर्ट✦समस्तीपुर छेड़खानी केस के आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन, PDS का लाइसेंस भी हुआ रद्द✦समस्तीपुर में नाबालिग बच्चियों से बदसलूकी मामला: ADG कमल किशोर ने की कार्रवाई की समीक्षा, पुलिस अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश✦रिटायरमेंट से करीब तीन महीने पहले DGP पद से हटाए गए विनय कुमार, बने बिहार के मुख्य सूचना आयुक्त

सबको खुश रखने की 'कला' जानते थे रूपेश, एक रिंग पर VVIP भी उठाते थे फोन

PATNA : इंडिगो के एयरपोर्ट स्टेशन मैनेजर रूपेश कुमार सिंह की हत्या पटना पुलिस ही नहीं बल्कि बिहार सरकार के लिए भी गले की हड्डी बन चुका है। इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस के बाद हर त

सबको खुश रखने की 'कला' जानते थे रूपेश, एक रिंग पर VVIP भी उठाते थे फोन
Manish Kumar
6 मिनट

PATNA : इंडिगो के एयरपोर्ट स्टेशन मैनेजर रूपेश कुमार सिंह की हत्या पटना पुलिस ही नहीं बल्कि बिहार सरकार के लिए भी गले की हड्डी बन चुका है। इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस के बाद हर तरफ रूपेश की ही चर्चा हो रही है। पटना एयरपोर्ट पर वीवीआईपी के लिए अपना बन चुके रूपेश कुमार सिंह में सबका नजदीकी बन जाने की काबिलियत थी। 


सबको खुश रखने की 'कला' जानते थे रूपेश, एक रिंग पर VVIP भी उठाते थे फोन


रूपेश आखिर ऐसी कौन सी कला जानते थे कि उन्होंने राजनेताओं से लेकर ब्यूरोक्रेट्स और सेलिब्रिटी तक को हमेशा खुश रखा। ड्यूटी इंडिगो के स्टेशन मैनेजर की थी लेकिन किसी भी फ्लाइट से पटना आने जाने वाले वीआईपी यात्रियों के लिए रूपेश ही सबकुछ थे। पटना एयरपोर्ट पर एंट्री के साथ हर वीआईपी एक बार रूपेश से मिलना चाहता था। रुपेश को जैसे ही उनकी नजरें तलाशती सामने वह मौजूद होते थे। किसी के फैमिली की बोर्डिंग करानी हो या फिर सीट का एडजस्टमेंट या एयरपोर्ट पर अन्य तरह की मदद सभी के लिए रूपेश हर वक्त मौजूद रहे। 


सबको खुश रखने की 'कला' जानते थे रूपेश, एक रिंग पर VVIP भी उठाते थे फोन


खुश रखने की कला जानते थे

माना जाए तो एविएशन सेक्टर में एयरपोर्ट स्टेशन मैनेजर की भूमिका बेहद सीमित होती है। स्टेशन मैनेजर अपनी कंपनी की सेवाओं तक की खुद को सीमित रखता है लेकिन रुपेश के साथ ऐसा नहीं था। इंडिगो के साथ-साथ अन्य विमान कंपनियों से आने वाले यात्री भी रुपेश के टच में रहा करते थे। पटना एयरपोर्ट से सफर करने वाले राजनेता, ब्यूरोक्रेट, सेलिब्रिटी और हाईप्रोफाइल लोग रुपेश के संपर्क में रहे। उन्हें जब भी जरूरत पड़ी बेहिचक रूपेश को फोन मिलाया और रुपेश का कद भी इतना बड़ा हो चुका था कि वीवीआईपी भी एक रिंग पर उनका फोन उठाते थे। 


सबको खुश रखने की 'कला' जानते थे रूपेश, एक रिंग पर VVIP भी उठाते थे फोन


सत्ता पक्ष हो या विपक्ष हर दल के राजनेता से रूपेश की नज़दीकियां थीं। ऐसे में उनकी हत्या के बाद यह सवाल भी चर्चा का विषय है कि आखिर रूपेश ऐसी कौन सी 'कला' जानते थे जिसकी वजह से उन्होंने सबको खुश रखा। रुपेश बेहद मिलनसार थे लेकिन अपनी कंपनी को लेकर उनकी सीमाएं थीं। इसके बावजूद उन्होंने वीवीआईपी लोगों से व्यक्तिगत संबंध बनाए। पुलिस की जांच में यह भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। 


सबको खुश रखने की 'कला' जानते थे रूपेश, एक रिंग पर VVIP भी उठाते थे फोन


राजनीति में आने की महत्वाकांक्षा 

बड़े लोगों की सोहबत में रहना रूपेश को पसंद था। नए लोगों से कांटेक्ट बनाना उनकी हॉबी थी। पटना की जमीन पर हवाई सफर कर जिस वीआईपी ने कदम रखा रुपेश उनके संपर्क में आए। उनके सोशल मीडिया अकाउंट से भी इस बात का अंदाजा लगता है कि रूपेश को बड़े चेहरों के साथ रहने में कितना मजा आता था और यही वजह थी कि रूपेश हाई प्रोफाइल सर्किल में अपनी साख मिटाने के लिए दिन रात उपलब्ध रहते थे। दोस्तों के लिए आधी रात के वक्त भी हर मुसीबत का हल निकालना रुपेश के जीवन का हिस्सा बन चुका था। 


सबको खुश रखने की 'कला' जानते थे रूपेश, एक रिंग पर VVIP भी उठाते थे फोन


पटना के हाई प्रोफाइल जोन में पकड़ बनाने के साथ-साथ रूपेश अपने गृह जिले और गांव में भी सक्रिय थे। सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेना मुश्किल घड़ी में गांव के लोगों के बीच मदद पहुंचाना भी रूपेश जानते थे। उनके जिले से जुड़े लोगों का मानना है कि रुपए भविष्य में राजनीति का रुख करने वाले थे। सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने वाले रूपेश मढ़ौरा चुनाव लड़ना चाहते थे और यही वजह थी कि जब भी मौका मिलता था वह अपने गांव और छपरा के आसपास के गांव में सामाजिक कार्यों में शामिल होते थे। रूपेश विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन उन्होंने राजनीति में एंट्री का वक्त अभी तय नहीं किया था। 

सबको खुश रखने की 'कला' जानते थे रूपेश, एक रिंग पर VVIP भी उठाते थे फोन


वीवीआईपी के फेवरेट

रूपेश को जानने वाले बताते हैं कि उन्होंने अपनी सर्विस के दौरान लंबा वक्त पटना एयरपोर्ट पर ड्यूटी करते ही बिताया थोड़े दिनों के लिए उनकी पोस्टिंग कोलकाता हुई थी लेकिन वह वापस से पटना आ गए थे. पटना में राजनेताओं के साथ-साथ ब्यूरोक्रेसी में भी उनकी जबरदस्त पहचान थी. रुपेश के सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर डालें तो मालूम पड़ता है कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी लोगों के साथ भी मजबूत व्यक्तिगत संबंध रखते थे. पिछले दिनों नीतीश कुमार एक करीबी की बेटी की शादी में भी रूपेश शामिल हुए थे. खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। केंद्रीय मंत्री से लेकर बॉलीवुड इंडस्ट्री के बड़े चेहरे भी एक रिंग होने पर रूपेश का फोन पिक करते थे. मनोज बाजपेई, मनोज तिवारी, रवि किशन, पंकज त्रिपाठी, मनीषा कोइराला जैसे सेलिब्रिटी से रुपेश सीधे संपर्क में रहा करते थे. बिहार के कई बड़े अधिकारियों के लिए भी रूपेश बेहद खास थे यही वजह है कि उनकी मौत के बाद राजनीतिक गलियारे से लेकर ब्यूरोक्रेसी कॉर्नर में भी लगातार लोग इस मर्डर केस के बारे में अपडेट ले रहे हैं. रुपेश अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन उन्होंने जितने कम वक्त में अपनी पहचान बनाई और वह जिस तरह सब के बीच लोकप्रिय हुए यह बताता है कि व्यक्तिगत जीवन में उनकी महत्वाकांक्षा बड़ी थी.

सबको खुश रखने की 'कला' जानते थे रूपेश, एक रिंग पर VVIP भी उठाते थे फोन