Bihar Fair Accident : रोहतास जिले के सासाराम में चल रहे लंदन थीम डिज्नीलैंड मेले में बड़ा हादसा हो गया। पायलट बाबा आश्रम के समीप आयोजित इस मेले में लगे चकरी झूले का गेट अचानक खुल जाने से उस पर सवार कई लोग नीचे गिर पड़े। हादसे के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। इस घटना में 10 वर्षीय बच्चे समेत करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मेले में बड़ी संख्या में लोग झूलों का आनंद लेने पहुंचे थे। इसी दौरान चकरी झूले पर कई युवक और बच्चे सवार थे। झूला तेज गति से घूम रहा था, तभी अचानक उसका सुरक्षा गेट खुल गया। गेट खुलते ही झूले पर बैठे लोग असंतुलित होकर नीचे गिर पड़े। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। चीख-पुकार सुनकर मेले में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
घायलों में शिवसागर थाना क्षेत्र के सेनुआर गांव निवासी राकेश बिंद के पुत्र धीरज कुमार, श्वेताव सिंह, पंकज सिंह और सीमा सिंह सहित अन्य लोग शामिल हैं। हादसे में एक 10 वर्षीय बच्चा भी घायल हुआ है। गंभीर रूप से घायल धीरज कुमार को तुरंत सासाराम सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वहीं अन्य घायलों को शहर के अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग और मेले में मौजूद कर्मचारी राहत कार्य में जुट गए। लोगों ने घायलों को उठाकर एंबुलेंस और निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया और मेले में सुरक्षा व्यवस्था संभाली। कुछ देर के लिए मेले में झूलों का संचालन भी बंद कर दिया गया।
मौके पर पहुंचे शिवसागर थाना के थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि चकरी झूले का गेट अचानक खुल गया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और झूला संचालकों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि झूले की तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
इस हादसे के बाद मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में लगे बड़े झूलों की नियमित तकनीकी जांच नहीं की जाती, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मेले में संचालित सभी झूलों की तुरंत सुरक्षा जांच कराई जाए और बिना फिटनेस प्रमाणपत्र वाले झूलों के संचालन पर रोक लगाई जाए।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि मेले में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। कई झूलों में पर्याप्त सुरक्षा बेल्ट और लॉकिंग सिस्टम नहीं थे। यदि समय रहते इन व्यवस्थाओं की जांच की जाती, तो शायद इतना बड़ा हादसा टल सकता था।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है। पुलिस ने झूले के संचालन को अस्थायी रूप से बंद करा दिया है और तकनीकी टीम से जांच कराने की तैयारी की जा रही है। वहीं घायलों के परिजन अस्पतालों में अपने परिजनों की सलामती के लिए परेशान नजर आए। इस हादसे ने मेले में मनोरंजन के नाम पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।





