रोहतास/आरा: बिहार के रोहतास जिले से शुक्रवार की सुबह एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी। रोज की तरह स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे 15 वर्षीय छात्र को अचानक बाइक सवार अपराधियों ने गोली मार दी। सुबह का वक्त था, छात्र अपने घर से कुछ दूरी पर बस स्टैंड के पास खड़ा था। इसी दौरान अपाची बाइक पर सवार दो अज्ञात युवक वहां पहुंचे और छात्र को निशाना बनाकर गोली चला दी। वारदात के बाद दोनों अपराधी मौके से फरार हो गए।
गोली चलने की आवाज और उसके बाद छात्र के घायल होकर गिरने से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। घायल छात्र को आनन-फानन में इलाज के लिए आरा लाया गया, जहां उसे महावीर टोला स्थित मेडिकॉन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
घायल छात्र की पहचान रोहतास जिले के कछवा थाना क्षेत्र के कैथी गांव निवासी दिनेश सिंह के 15 वर्षीय बेटे आशीष कुमार के रूप में हुई है। आशीष औरंगाबाद जिले के दाउदनगर स्थित ज्ञान गंगा इंटर स्कूल में पढ़ता है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह भी वह रोजाना की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। उसे क्या पता था कि रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे अपराधी उसकी जान के दुश्मन बन जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 5:55 बजे आशीष अपने घर से लगभग 800 मीटर की दूरी पर कैथी गांव के जागु टोला स्थित बस स्टैंड के पास स्कूल जाने के लिए खड़ा था। इसी दौरान अपाची बाइक पर सवार दो अज्ञात अपराधी वहां पहुंचे। इससे पहले कि छात्र कुछ समझ पाता, बाइक सवार बदमाशों ने उसे गोली मार दी।
गोली लगते ही छात्र घायल होकर गिर पड़ा। वारदात के बाद अपराधियों ने वहां रुकने की बजाय बाइक तेज की और मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने घायल छात्र को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए आरा लाया गया।
आरा के महावीर टोला स्थित मेडिकॉन हॉस्पिटल में छात्र को भर्ती कराया गया है। अस्पताल में जनरल सर्जन डॉ. सौरभ प्रिंस की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल छात्र की स्थिति को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन घटना के बाद परिजन काफी चिंतित हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 15 साल के इस छात्र को गोली क्यों मारी गई? क्या अपराधी पहले से उसका इंतजार कर रहे थे? क्या हमलावरों को छात्र के बारे में कोई जानकारी थी या फिर किसी पुरानी रंजिश के कारण उसे निशाना बनाया गया? इन सवालों का जवाब अभी सामने नहीं आया है।
घटना के बाद पुलिस के सामने भी कई सवाल हैं। बाइक पर सवार दोनों अपराधी कौन थे? उन्होंने छात्र को ही क्यों निशाना बनाया? वारदात के पीछे व्यक्तिगत रंजिश है, कोई विवाद है या फिर मामला कुछ और है? फिलहाल इन सभी बिंदुओं पर तस्वीर साफ नहीं है।
अपराधियों ने वारदात को बेहद कम समय में अंजाम दिया और वहां से फरार हो गए। यही वजह है कि उनकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही घटना की पूरी कहानी सामने आने की उम्मीद है।
सुबह-सुबह स्कूल जाने के लिए निकले एक नाबालिग छात्र को गोली मारे जाने की घटना ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस वक्त बच्चे स्कूल जाने के लिए घरों से निकलते हैं, उसी समय बस स्टैंड के पास इस तरह की वारदात ने लोगों को डरा दिया है।
फिलहाल आशीष का इलाज आरा के मेडिकॉन हॉस्पिटल में जारी है। दूसरी ओर, परिवार की चिंता बढ़ी हुई है और पुलिस के सामने चुनौती है कि छात्र पर गोली चलाने वाले दोनों अपराधियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए। अब जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि आखिर स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे 15 साल के आशीष को अपराधियों ने क्यों बनाया अपना निशाना।





