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भाई के जेल जाने पर भड़कीं रोहिणी आचार्य, बोलीं-तेज प्रताप की गिरफ्तारी..सम्राट सरकार की तानाशाही

बिहार बंद के दौरान तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने सम्राट सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। वहीं तेजस्वी यादव ने भी आंदोलनकारियों की रिहाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।

बिहार न्यूज
सम्राट सरकार पर लगाए तानाशाही के आरोप
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

PATNA:राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को बिहार बंद के दौरान उपद्रवियों का साथ देने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया। 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में उन्हें जेल भेजा गया है। तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार में सियासत तेज हो गयी है। भाई की गिरफ्तारी की खबर सुनकर विदेश में रहने वाली बहन रोहिणी आचार्य भी हैरान रह गई।


वही तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार को चेतावनी दी। कहा कि जितने भी आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी हुई है, उन पर केस हुआ है। उन सभी को जल्द से जल्द रिहा किया जाए। नहीं तो अब हम सड़क पर उतरेंगे। जबकि बहन रोहिणी आचार्य ने भी भाई की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा। रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी सम्राट सरकार की तानाशाही ..बिहार के मुख्यमंत्री से पूछता है बिहार.. क्या  शिक्षा - व्यवस्था को सुधारने की मांग के साथ जारी छात्रों - युवाओं के आंदोलन , प्रदर्शन को समर्थन देना अपराध है ? 


उन्होंने कहा कि सम्राट सरकार की पुलिस के द्वारा तथ्यहीन व् झूठे आरोपों में तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार किया जाना साफ़ तौर पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है l छात्रो , युवाओं व् जनता की समस्याओं के लिए आवाज उठाना हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार एवं दायित्व है और अपने इसे अधिकार एवं दायित्व का निर्वहन करने की ऐवज में बदले की भावना से गिरफ़्तारी की गयी है तेज प्रताप यादव की l 


रोहिणी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के लिए गिरफ्तार किया जाना स्पष्ट तौर पर सरकार के खिलाफ उभरे असंतोष को दबाने की  दमनात्मक तानाशाही कार्रवाई का हिस्सा है और सम्राट सरकार प्रशासन एवं पुलिस बल का दुरूपयोग कर राजनीतिक विरोधियों को डराने और जन आंदोलनों के प्रभाव को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।


रोहिणी ने सम्राट चौधरी की सरकार से यह सवाल किया कि ये कैसा न्याय है .. ये कैसा चलन है .. ये कैसी रीत है .. जिसमें सात खून का आरोपी मुख्यमंत्री बन जाता है और देश के युवा भविष्य के लिए आवाज उठानेवाले , संघर्ष करने वाले बेगुनाह को झूठे आरोपों में फंसा कर जेल भेज दिया जाता है ?


दरअसल शनिवार को बिहार बंद के समर्थन में तेज प्रताप पटना की सड़कों पर उतरे थे और छात्रों को समर्थन देते हुए नीट पेपर लीक मामले को लेकर पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इसी दौरान तेज प्रताप यादव एवं करीब 1000 उपद्रवियों के खिलाफ गांधी मैदान में पटना के दंडाधिकारी व सहायक अनुभाजन पदाधिकारी विजय कुमार तिवारी ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी। उन्होंने थाने में आवेदन देकर यह आरोप लगाया था कि बिना वैध अनुमति के करीब 1000 उपद्रवी का नाजायज मजमा बनाकर प्रदर्शन करना गैर कानूनी कार्य है। इस पर उपद्रवी प्रदर्शनकारी काफी उत्तेजित होते हुए गांधी मैदान के गेट नंबर 10 के पास जमा पुलिस बल पर ईंट पत्थर चलाना शुरू कर दिये। 

उन्होंने आगे बताया कि इसी बीच उपद्रवियों के बीच तेज प्रताप यादव अपने कार्यकर्ताओं के साथ नाजायज मजमा का हिस्सा बने। इनके भीड़ के हिस्सा बनते ही सभी उपद्रवी प्रशासन से पूरी तरह उलझ गये। लाठी डंडा एवं ईंट पत्थर से पुलिस बल पर जानलेवा हमला कर दिये। इस दौरान आधा दर्जन पुलिस वाले घायल हो गये। उपद्रवियों ने सरकारी गाड़ियों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। जब पुलिस की टीम ने तेज प्रताप यादव को पकड़ने का प्रयास किया तो वो भागने में सफल हो गये। दंडाधिकारी विजय कुमार तिवारी ने तेज प्रताप एवं करीब 1000 उपद्रवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की गांधी मैदान थाने में आवेदन दिया। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने तेज प्रताप यादव को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।  

भाई के जेल जाने पर भड़कीं रोहिणी आचार्य, बोलीं-तेज प्रताप की गिरफ्तारी..सम्राट सरकार की तानाशाही



पटना से सूरज की रिपोर्ट