RCP Singh Interview : पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह शनिवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात करने उनके 7, सेकुलर रोड स्थित आवास पहुंचे। उनके साथ करीब 20-25 समर्थक भी मौजूद थे। मुलाकात को लेकर दिनभर सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी रहा। इस बीच आरसीपी सिंह ने फर्स्ट बिहार से एक्सक्लूसिव बातचीत में खुद पूरी स्थिति स्पष्ट की।
फर्स्ट बिहार के रिपोर्टर प्रेम राज ने आरसीपी सिंह से उनके आवास पर जाकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने नीतीश कुमार से मुलाकात को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
रिपोर्टर प्रेम राज: सर, आज सुबह-सुबह आप 7, सेकुलर रोड पहुंचे थे?
आरसीपी सिंह: बिल्कुल। 7, सेकुलर रोड स्थित जो नीतीश बाबू का आवास है, वहां गया। उनसे भेंट हुई, बातचीत हुई और मुलाकात बहुत ही आत्मीय रही।
रिपोर्टर प्रेम राज: लंबे समय के बाद मुलाकात हुई। दोनों नेताओं के बीच बातचीत कैसी रही?
आरसीपी सिंह: चार वर्षों के बाद भेंट हुई। स्वाभाविक है कि हम लोग 25 वर्षों से अधिक समय तक साथ काम किए हैं। आज चार वर्षों के बाद मुलाकात हुई तो मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने नीतीश कुमार का बॉडी लैंग्वेज देखा, वह बहुत अच्छा लगा। वह काफी खुश नजर आए और बहुत प्रसन्न दिखे। यह देखकर मुझे अच्छा लगा।
रिपोर्टर प्रेम राज: चार साल बाद दोनों नेता मिले। पहले जैसी ट्यूनिंग रही या कुछ बदलाव दिखा?
आरसीपी सिंह: कोई ट्यूनिंग की बात नहीं है। मैंने बताया ना, हमारा जो रिश्ता उनके साथ रहा है, वह आज भी वैसा ही है। मुलाकात पूरी तरह आत्मीय रही।
रिपोर्टर प्रेम राज: जब आप बाहर निकले तो कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुलाकात नहीं हुई और संजय गाँधी और ललन सराफ़ ने रोक दिया।
आरसीपी सिंह: देखिए, कार्यकर्ताओं की अपनी भावनाएं होती हैं। वे चाहते हैं कि लंबी-लंबी बातचीत हो। लेकिन जब वर्षों बाद किसी से मिलते हैं तो एक भेंट का अपना महत्व होता है। कार्यकर्ताओं का अपना नजरिया होता है। मेरा उद्देश्य नीतीश बाबू से मिलना था और वह पूरा हो गया।
रिपोर्टर प्रेम राज: लंबे समय से चर्चा है कि कुछ लोग आपको जेडीयू में वापस लाना चाहते हैं, जबकि कुछ लोग नहीं चाहते कि आप पार्टी में लौटें।
आरसीपी सिंह: देखिए, किसी भी चीज का प्लस और माइनस दोनों होता है। मेरा स्वभाव हमेशा से सबको साथ लेकर चलने का रहा है। जितने भी जेडीयू के बड़े नेता हैं, सबसे मेरा संबंध है और बातचीत होती रहती है।
रिपोर्टर प्रेम राज: आरसीपी सिंह को जेडीयू में जाने से कौन रोक रहा है?
आरसीपी सिंह: रोकेगा कौन और रोकेगा क्यों? क्या कोई बैरियर लगा हुआ है? यह सब समय और काल की बात होती है। मैं 25 वर्षों तक उनके साथ रहा हूं, तब क्या कोई रोक रहा था? इसलिए इन चीजों को उसी नजरिए से मत देखिए।
रिपोर्टर प्रेम राज: कुछ लोग डर रहे हैं कि अगर आरसीपी सिंह वापस आ गए तो उनका क्या होगा?
आरसीपी सिंह: हमसे कोई क्यों डरेगा? सुनिए, मैं 5 फीट 5 इंच का आदमी हूं, मुझसे कौन डरेगा? हां, मेरा बैकग्राउंड जरूर ऐसे पदों पर रहा है जहां लोग डरते हैं, लेकिन मैंने कभी किसी को डराया नहीं।
रिपोर्टर प्रेम राज: आज की मुलाकात को आप कितना पॉजिटिव मानते हैं?
आरसीपी सिंह: बहुत ही पॉजिटिव मुलाकात रही है।
रिपोर्टर प्रेम राज: जेडीयू कार्यालय कब जा रहे हैं?
आरसीपी सिंह: देखिए, आप समय का इंतजार कीजिए।
रिपोर्टर प्रेम राज: जेडीयू के लोगों को फिर से आपकी सेवा कब मिलेगी?
आरसीपी सिंह: हम तो हर रोज सेवा देते रहते हैं। आप मेरे साथ बैठिएगा तो देखिएगा कि मिलने वाले कौन लोग आते हैं। ज्यादातर लोग जेडीयू के ही होते हैं। एक बात समझिए, बिहार में जब किसी से एक बार रिश्ता बन जाता है तो वह आसानी से नहीं टूटता। आप ही बताइए, यहां जितने भी विरोधी दल के नेता हैं, किससे मेरा अच्छा संबंध नहीं है? सबसे मेरे अच्छे संबंध हैं और संबंध अच्छे होने चाहिए।
आरसीपी सिंह के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। चार वर्षों बाद हुई इस मुलाकात को लेकर अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि आरसीपी सिंह ने साफ कर दिया है कि उनकी मुलाकात बेहद आत्मीय और सकारात्मक रही तथा भविष्य को लेकर उन्होंने केवल इतना कहा कि “समय का इंतजार कीजिए।”





