ब्रेकिंग
मछुआरे की हत्या कर शव को नदी में फेंकने की आशंका, 11 लोगों के खिलाफ नेम्ड FIR; चौथे दिन भी शव की तलाश जारीनिगरानी के हत्थे चढ़ा बिहार का घूसखोर पंचायत सचिव, 15 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तारबिहार में बालू माफिया का दुस्साहस: SHO और PSI को ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश, अवैध खनन रोकने पहुंची थी पुलिसकरंट लगने से चाचा की दर्दनाक मौत, बचाने गए भतीजे की भी गई जान; बिजली विभाग की लापरवाही आई सामनेबिहार में लव मैरिज पर भड़का परिवार, जिंदा बेटी की निकाली अर्थी; सिर मुंडवाकर किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कारमछुआरे की हत्या कर शव को नदी में फेंकने की आशंका, 11 लोगों के खिलाफ नेम्ड FIR; चौथे दिन भी शव की तलाश जारीनिगरानी के हत्थे चढ़ा बिहार का घूसखोर पंचायत सचिव, 15 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तारबिहार में बालू माफिया का दुस्साहस: SHO और PSI को ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश, अवैध खनन रोकने पहुंची थी पुलिसकरंट लगने से चाचा की दर्दनाक मौत, बचाने गए भतीजे की भी गई जान; बिजली विभाग की लापरवाही आई सामनेबिहार में लव मैरिज पर भड़का परिवार, जिंदा बेटी की निकाली अर्थी; सिर मुंडवाकर किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार

नेपाल की बारिश का बिहार में असर: पूर्वी चंपारण में तिलावे नदी का तटबंध टूटा, दर्जनों गांव जलमग्न; जिला प्रशासन अलर्ट

Bihar Flood: नेपाल में लगातार बारिश के कारण पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा प्रखंड में तिलावे नदी का तटबंध टूट गया। बाढ़ का पानी दर्जनों गांवों में फैल गया, फसलें बर्बाद हो गईं और ग्रामीण खुद राहत कार्य में जुट गए।

Bihar Flood Alert
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Flood: नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में दिखाई देने लगा है। रामगढ़वा प्रखंड के ऊंची भाटिया गांव में नेपाल से आने वाली तिलावे नदी का तटबंध करीब 40 फीट की लंबाई में टूट गया, जिससे बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैल गया।



चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ दिन पहले ही अधिकारियों ने तटबंध का निरीक्षण किया था और मरम्मत का कार्य भी कराया गया था। बावजूद इसके, पानी का दबाव इतना अधिक था कि मरम्मत की गई जगह टिक नहीं सकी और तटबंध टूट गया।



तटबंध टूटने के बाद ऊंची भाटिया, शेखौना, भटिया, मंगलपुर और खुगनी समेत छह दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। करीब डेढ़ किलोमीटर के दायरे में पानी फैल चुका है। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।



घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से उन्हें अब तक पर्याप्त सहायता नहीं मिली है। प्रशासनिक व्यवस्था से नाराज ग्रामीणों ने खुद राहत और बचाव का मोर्चा संभाल लिया है। 



सामाजिक कार्यकर्ता भी टूटे तटबंध को अस्थायी रूप से बांधने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहली बार ही तटबंध की मरम्मत मजबूत तरीके से की गई होती, तो आज यह स्थिति नहीं बनती। फिलहाल बाढ़ का पानी लगातार फैल रहा है, जिससे प्रभावित इलाकों के लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता