Bihar Politics: विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की ट्रेनिंग से केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की दूरी को लेकर उठे सवालों के बीच अब खुद ललन सिंह ने सफाई दी है। उन्होंने साफ कहा कि जेडीयू में किसी तरह का कोई मतभेद नहीं है और पार्टी पूरी तरह एकजुट है। इसी बीच मोकामा विधायक अनंत सिंह और जेडीयू नेता नीरज कुमार के बीच चल रही जुबानी जंग को लेकर भी ललन सिंह ने अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है।
अनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद पर क्या बोले ललन सिंह?
ललन सिंह से अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह दोनों का मामला है और वह इस पर क्या बोलें? ललन सिंह ने यह भी कहा कि अगर यह माना जा रहा है कि उनके बोलने से इस विवाद का समाधान हो जाएगा, तो यह मीडिया की सोच है। उन्होंने मीडिया पर अपना एजेंडा चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी की स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है।उन्होंने दोहराया कि जेडीयू में कोई मतभेद नहीं है और पार्टी आपसी राय-विचार तथा सहमति से चल रही है।
ललन सिंह ने कहा कि जेडीयू में कोई मतभेद नहीं है। यह सब फालतू की बात है, जिसे जरूरत से ज्यादा तूल दिया जा रहा है। पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर शुरू से ही आंतरिक लोकतंत्र की परंपरा रही है और फैसले आपसी सहमति एवं विचार-विमर्श से लिए जाते हैं।
ललन सिंह ने पार्टी के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1994 में नीतीश कुमार ने समता पार्टी का गठन किया था। उस समय से ही पार्टी के अंदर आंतरिक लोकतंत्र, आपसी सहमति और विचार-विमर्श की परंपरा रही है। उनके मुताबिक आज भी पार्टी उसी परंपरा के तहत चल रही है और सभी लोग साथ हैं।
ट्रेनिंग में क्यों नहीं पहुंचे ललन सिंह?
ट्रेनिंग कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के सवाल पर ललन सिंह ने कहा कि उस समय उनका कार्यक्रम गुजरात में था। उन्होंने बताया कि कई विधायकों ने उन्हें फोन किया था। इस पर उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि उनका कार्यक्रम गुजरात में चल रहा है और वह वहीं मौजूद हैं।ललन सिंह ने यह भी बताया कि रात करीब 9 बजे निशांत कुमार का फोन आया था। उन्होंने निशांत को भी अपने गुजरात कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने संजय झा से भी बात की और उन्हें भी अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी।यानी ललन सिंह के मुताबिक ट्रेनिंग कार्यक्रम से उनकी गैरमौजूदगी का पार्टी के अंदर किसी विवाद या नाराजगी से कोई संबंध नहीं है।
अनंत सिंह और नीरज की लड़ाई पर क्यों टिकी नजर?
गौरतलब है कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच पिछले कुछ दिनों से बयानबाजी ने बिहार की सियासत में खूब चर्चा बटोरी है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं और सार्वजनिक रूप से उन्हें चुनौती भी दी है। इसके जवाब में नीरज कुमार ने भी पलटवार किया है।यही वजह है कि जब पार्टी के भीतर एकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उसी समय दोनों नेताओं के बीच चल रही यह जुबानी जंग जेडीयू की अंदरूनी राजनीति के लिहाज से चर्चा का विषय बन गई है।
हालांकि ललन सिंह ने साफ कर दिया है कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहा विवाद उनका व्यक्तिगत मामला है और वह इसमें हस्तक्षेप करने के पक्ष में नहीं हैं। दूसरी ओर, उन्होंने पार्टी के भीतर किसी भी तरह के मतभेद की चर्चा को खारिज करते हुए कहा कि जेडीयू पहले की तरह ही आपसी विचार-विमर्श और सहमति की परंपरा के अनुसार चल रही है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच जारी बयानबाजी आगे किस मोड़ पर पहुंचती है और क्या पार्टी नेतृत्व इस मामले में कोई हस्तक्षेप करता है या दोनों नेताओं को अपने स्तर पर ही इस विवाद को आगे बढ़ाने दिया जाता है।





