ब्रेकिंग
Ashok Dham Stamped : 8 मौतों के बाद खुली प्रशासन की आंख! अब अशोक धाम में CCTV, बैरिकेडिंग और ‘एक ट्रेन’ का ज्ञानBihar News : बिहार के गांवों में अब खुलेगी मोबाइल नेटवर्क की पोल! डाक सेवक बताएंगे Airtel-Jio में किसका सिग्नल कितना दमदारबिहार में Student Credit Card लेने वालों के लिए बड़ी खबर! सरकार ने कॉलेजों पर कसा शिकंजा, अब होगी जमीनी जांचBihar weather : बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज! 27 अगस्त तक बारिश का अलर्ट, पटना समेत इन इलाकों में बरसेंगे बादलबख्तियारपुर में शिवचर्चा की आरती के दौरान घर में लगी आग, तीन लोगों की दर्दनाक मौतAshok Dham Stamped : 8 मौतों के बाद खुली प्रशासन की आंख! अब अशोक धाम में CCTV, बैरिकेडिंग और ‘एक ट्रेन’ का ज्ञानBihar News : बिहार के गांवों में अब खुलेगी मोबाइल नेटवर्क की पोल! डाक सेवक बताएंगे Airtel-Jio में किसका सिग्नल कितना दमदारबिहार में Student Credit Card लेने वालों के लिए बड़ी खबर! सरकार ने कॉलेजों पर कसा शिकंजा, अब होगी जमीनी जांचBihar weather : बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज! 27 अगस्त तक बारिश का अलर्ट, पटना समेत इन इलाकों में बरसेंगे बादलबख्तियारपुर में शिवचर्चा की आरती के दौरान घर में लगी आग, तीन लोगों की दर्दनाक मौत

यह कैसी शराबबंदी? खुलेआम चल रही है मिनी फैक्ट्री, धड़ल्ले से बिक रही शराब; पुलिस अब भी बेखबर

Bihar News: बिहार में शराबबंदी कानून के बावजूद मोतिहारी के एक गांव में खुलेआम शराब बिकने के आरोपों ने फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब कारोबार से गांव का माहौल खराब हो रहा है और युवाओं पर इसका बुरा असर...

यह कैसी शराबबंदी? खुलेआम चल रही है मिनी फैक्ट्री, धड़ल्ले से बिक रही शराब; पुलिस अब भी बेखबर
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार में शराबबंदी कानून लागू हुए कई साल हो चुके हैं। सरकार ने शराब बनाने, बेचने और पीने पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सख्त कानून भी बनाया, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी अलग दिखाई दे रही है। राज्य के कई ग्रामीण इलाकों में आज भी खुलेआम शराब बनाने और बेचने की बातें सामने आती रहती हैं। यही वजह है कि शराबबंदी को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहते हैं।


ताजा मामला पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी से सामने आया है। सुगौली थाना क्षेत्र के मुसवा भेडिहारी गांव में अवैध शराब कारोबार को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि यहां लंबे समय से खुलेआम शराब बनाई और बेची जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।


ग्रामीणों के मुताबिक शाम होते ही गांव के कई हिस्सों में शराब की बिक्री शुरू हो जाती है। लोगों का कहना है कि गांव का माहौल धीरे-धीरे खराब होता जा रहा है और सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई युवा नशे की लत में फंसते जा रहे हैं, जिससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं।


महिलाओं और बुजुर्गों ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शराब के कारण गांव में घरेलू विवाद बढ़ रहे हैं। कई परिवारों में आए दिन झगड़े हो रहे हैं और घर की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ रही है। महिलाओं का कहना है कि शराबबंदी के बाद उन्हें उम्मीद थी कि गांव का माहौल बेहतर होगा, लेकिन अब भी चोरी-छिपे और कई जगह खुलेआम शराब बिकने से परेशानी कम नहीं हुई।


ग्रामीणों का दावा है कि इस मामले की जानकारी कई बार पुलिस और प्रशासन को दी गई। कुछ जगहों पर कार्रवाई भी हुई, लेकिन लोगों का आरोप है कि कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित रह गई। गांव वालों का कहना है कि अगर लगातार सख्ती से अभियान चलाया जाए तो अवैध शराब के कारोबार पर रोक लग सकती है।


बिहार में शराबबंदी के बाद कई बड़े शराब कांड भी सामने आ चुके हैं। इनमें मोतिहारी के तुरकौलिया क्षेत्र में हाल में हुआ जहरीली शराब कांड काफी चर्चा में रहा था। इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी जमकर बयानबाजी हुई थी। विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए थे, जबकि सरकार ने कार्रवाई का भरोसा दिया था। लेकिन इसके बावजूद कई इलाकों में अवैध शराब कारोबार बंद नहीं हो सका।