चकिया (पूर्वी चंपारण): पूर्वी चंपारण के चकिया में बुधवार को पिपरा विधायक श्यामबाबू यादव के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा निकाली गई। यह यात्रा प्रखंड कार्यालय परिसर से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए केसरिया रोड स्थित बाजार समिति पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा में स्कूली बच्चों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की कथित गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
तिरंगा यात्रा में चकिया के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर लोगों ने देशभक्ति के नारों के साथ मुख्य मार्गों पर मार्च किया।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चकिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), अंचल के राजस्व अधिकारी (आरओ) और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ही पूरे कार्यक्रम में मौजूद रहे। आरोप है कि कुछ अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, लेकिन थोड़ी देर रुकने और तस्वीरें खिंचवाने के बाद वहां से चले गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पूरे देश में तिरंगा यात्रा और स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, तब स्थानीय प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी क्यों नहीं दिखी? लोगों ने सवाल उठाया कि क्या संबंधित अधिकारियों को सरकार या वरीय अधिकारियों के निर्देशों की जानकारी नहीं थी, या फिर उन निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया गया?
चकिया की इस तिरंगा यात्रा में स्कूली बच्चों की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के कारण ही यात्रा सफल रही। अब लोगों की मांग है कि अधिकारियों की कथित गैरमौजूदगी की जांच की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाए।
फिलहाल तिरंगा यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई है, लेकिन अधिकारियों की कथित अनुपस्थिति को लेकर उठे सवालों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया और संभावित जांच का इंतजार किया जा रहा है।





