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सीमांचल की तीन नदियां उफनाई, कटाव के कारण घर छोड़ने पर मजबूर हैं लोग

PURNIA : बिहार में नदियों ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है. पांच नदियों से घिरे पूर्णिया के बायसी अनुमंडल में महानंदा, कनकई और परमाण नदी के उफान पर आने के साथ ही इन नदियों का पानी

सीमांचल की तीन नदियां उफनाई, कटाव के कारण घर छोड़ने पर मजबूर हैं लोग
Tejpratap
Tejpratap
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PURNIA : बिहार में नदियों ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है. पांच नदियों से घिरे पूर्णिया के बायसी अनुमंडल में महानंदा, कनकई और परमाण नदी के उफान पर आने के साथ ही इन नदियों का पानी कई गांव में घुस गया है. साथ ही 6 घर पानी में विलीन हो गये हैं. जिसके बाद लोग अपने आशियाने को छोड़कर जाने को मजबूर हैं. प्रशासन की तरफ से भी अब तक कोई मदद नहीं की गई है.


ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई सालों से बाढ़ का खतरा है. नदियों का पानी बढ़ जाने की वजह से पिछले साल भी कटाव की स्थिति थी. कई घर कटाव में विलीन हो गये थे. लेकिन सरकार की ओर से उन्हें कोई लाभ मुहैया नहीं कराया गया था. इस साल घरों में पानी घुस गया है. जिसके कारण खाने-पीने जैसी बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है. बच्चे भूख से बिलखने लगे हैं. 


ग्रामीणों की मांग है कि नदियों के कटाव को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से जल्द व्यवस्था की जाए. उनका आरोप है कि लिखित आवेदन के बावजूद भी पंचायत में समय रहते कटाव को रोकने के लिए चित कदम नहीं उठाए गए. अधिकारियों ने उनके पंचायत में उदासीनता दिखाई है.


वहीं, अनुमंडल पदाधिकारी कुमारी तोषी ने कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये गये हैं. जल्द ही सभी जरूरतों मंदों की मदद की जाएगी. बाढ़ में फंसे लोगों के लिए रेस्क्यू टीम तैयार है. उन्होंने कहा कि नदी में घर विलीन होने वाले परिवार को रहने की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही लोगों के लिए सामुदायिक किचन की भी व्यवस्था की जाएगी. 


हालांकि, प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था का लाभ अब तक ग्रामीणों को नहीं मिली है. मुख्यमंत्री सड़क पर 3 फीट ऊंची पानी की धार बह रही है. जिस वजह से ग्रामीणों को बनगामा समेत अन्य जगहों पर जाने के लिए भी गाड़ियों का उपयोग करना मुश्किल साबित हो गया है. 

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