PATNA: बिहार सरकार ने राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में मोक्षधाम बनाने और अंतिम संस्कार के 24 घंटे के भीतर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की नई व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया है। सात निश्चय-3 योजना के तहत शुरू की जा रही इस पहल का उद्देश्य अंतिम संस्कार व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाना है।
बिहार सरकार ने राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में मोक्षधाम (शवदाह गृह) बनाने का बड़ा फैसला लिया है। सात निश्चय-3 योजना के तहत बनने वाले प्रत्येक मोक्षधाम पर करीब 22 लाख 17 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। पंचायती राज विभाग ने इसके लिए मानक प्राक्कलन तय कर दिया है। सरकार का उद्देश्य अंतिम संस्कार व्यवस्था को बेहतर और सुविधाजनक बनाना है।
सूचना एवं जनसंपर्क तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि मोक्षधाम के मुख्य द्वार के दोनों ओर सीमित हिस्से को छोड़कर बाकी क्षेत्र की घेराबंदी ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कराई जाएगी। इसके अलावा पिलर और तारों से फेंसिंग की जाएगी तथा चारों ओर दो पंक्तियों में पौधारोपण भी कराया जाएगा। यह कार्य विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत कराया जाएगा।
सरकार ने यह भी व्यवस्था की है कि मोक्षधाम में अंतिम संस्कार के 24 घंटे के भीतर मृतक के परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यालय भेजी जाए। यदि 24 घंटे के भीतर प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा और उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पंचायती राज विभाग ने एक विशेष मोबाइल ऐप भी तैयार कराया है। इस ऐप को डाउनलोड कर परिजन घर बैठे मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे। पंचायत सरकार भवन में कंप्यूटरीकृत तरीके से प्रमाण पत्र तैयार कर ऐप पर अपलोड किया जाएगा। ऐप पर मृतक से जुड़ी जानकारी स्थायी रूप से सुरक्षित रहेगी, जिसमें परिवार के सदस्यों के नाम भी दर्ज होंगे।
सरकार ने पंचायत स्तर पर मोक्षधाम और कब्रिस्तान की व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए प्रभारी भी तय किए हैं। वार्ड सदस्य, पंच और वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के सचिव को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जहां डोमराजा पहले से घाट की देखरेख कर रहे हैं, वहां उन्हें यह जिम्मेदारी दी जाएगी।
सरकार का मानना है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सात निश्चय-3 योजना के तहत शुरू की गई यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार व्यवस्था को आधुनिक और सम्मानजनक बनाएगी, साथ ही आम लोगों को सरकारी सुविधाओं का त्वरित लाभ भी मिलेगा।





