पटना: बिहार की सियासत में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के बीच जुबानी जंग अब कानूनी पचड़े की तरफ बढ़ती नजर आ रही है। पटना के साइबर थाने में प्रशांत किशोर के खिलाफ एक शिकायत दी गई है। शिकायत में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया है कि इसमें प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गोली मारने से संबंधित टिप्पणी की है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित बयान में संज्ञेय अपराध पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में सोशल मीडिया पर मौजूद एक फेसबुक लिंक भी दिया गया है। इसी वीडियो को आधार बनाकर दावा किया गया है कि प्रशांत किशोर ने बिहार में अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर और गोली मारने की कार्रवाई के संदर्भ में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। शिकायत में आशंका जताई गई है कि इस तरह के कथित बयान से समाज में रोष और तनाव पैदा हो सकता है तथा इसका असर राज्य की कानून-व्यवस्था पर पड़ सकता है।
दरअसल, पूरा विवाद उस वीडियो के सामने आने के बाद शुरू हुआ, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि यह 10 अक्टूबर को सीतामढ़ी में तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के साथ प्रशांत किशोर की बातचीत का है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर बिहार में अपराधियों के एनकाउंटर के मुद्दे पर प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जिक्र किया। उनके हवाले से दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कहा कि अगर केवल किसी के खिलाफ शिकायत होने के आधार पर उसे अपराधी मानकर गोली मारी जा सकती है तो यही पैमाना मुख्यमंत्री पर भी लागू होना चाहिए।
इसी दौरान कथित वीडियो में सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता और उनके पुराने आपराधिक मामलों को लेकर भी टिप्पणी किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस वायरल वीडियो और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।वीडियो सामने आने के बाद बिहार बीजेपी की ओर से भी प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला गया था। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कथित बयान को लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताते हुए इसे गंभीर और खतरनाक करार दिया था। बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया कि मुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा राजनीतिक विरोध की सीमा को पार करती है।
विवाद बढ़ने के बाद प्रशांत किशोर ने भी अपनी तरफ से सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि उनकी बात को संदर्भ से काटकर पेश किया जा रहा है। प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी की शिक्षा और कथित आपराधिक पृष्ठभूमि को लेकर पहले भी सवाल उठाने की बात कही और कहा कि वह न्यायेतर हत्याओं यानी बिना न्यायिक प्रक्रिया के किसी को गोली मारने के खिलाफ रहे हैं। प्रशांत किशोर का तर्क था कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ स्थानीय सांसद या विधायक की शिकायत मात्र के आधार पर उसे अपराधी घोषित कर गोली मारने की नीति सही मानी जाती है, तो वही पैमाना सत्ता में बैठे लोगों पर भी लागू होना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का उदाहरण दिया था।
अब पटना साइबर थाने में पहुंची शिकायत ने इस पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से वायरल वीडियो की तकनीकी और तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जांच में यदि कोई संज्ञेय अपराध सामने आता है तो प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो वास्तविक है या उसमें किसी तरह की एडिटिंग अथवा संदर्भ से छेड़छाड़ हुई है। इसके साथ ही कथित बयान की वास्तविक परिस्थितियां और उसका कानूनी स्वरूप भी जांच के बाद ही तय होगा।
बिहार की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद भी सत्ता पक्ष और जन सुराज के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर प्रशांत किशोर का यह कथित बयान और उसके बाद साइबर थाने में पहुंची शिकायत आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को और गरमा सकती है।





