Bihar News: मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम में ड्यूटी से बिना सूचना गायब रहना एक महिला सिपाही और महिला गृहरक्षक को महंगा पड़ गया। यातायात पुलिस अधीक्षक ने महिला सिपाही निशा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, महिला गृहरक्षक रुचि कुमारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
दरअसल, मामला दो सितंबर का है। मुख्यमंत्री के चैंबर ऑफ कॉमर्स में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए रूट लाइन की जांच की जा रही थी। इस दौरान बाटा मोड़ पर यातायात संचालन के लिए महिला पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी।
निरीक्षण के दौरान निशा कुमारी और रुचि कुमारी अपने निर्धारित ड्यूटी स्थल से अनुपस्थित मिलीं। बताया गया कि दोनों बिना पूर्व सूचना या अनुमति के ड्यूटी स्थल से चली गई थीं। मुख्यमंत्री के वीआईपी कार्यक्रम जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने को गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना गया।
मामले में निशा कुमारी को जीवनयापन भत्ता पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय यातायात संचालन निर्धारित किया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, रुचि कुमारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
वहीं पटना में यातायात व्यवस्था में लापरवाही का एक और मामला यातायात एसपी के औचक निरीक्षण में सामने आया। पांच सितंबर की शाम करीब 6:45 बजे बाकरगंज यातायात पोस्ट का निरीक्षण किया गया। उस समय सड़क पर जाम की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन तीन यातायात पुलिसकर्मी केबिन के अंदर बैठकर मोबाइल चलाते मिले।
इनमें एएसआई रविन्द्र कुमार मंडल, महिला सिपाही गीता कुमारी और गृहरक्षक सूरज कुमार शामिल थे। निरीक्षण के दौरान सड़क पर यातायात का दबाव था, जबकि शाम पांच बजे से रात आठ बजे तक पिक आवर में पुलिसकर्मियों को केबिन से बाहर रहकर यातायात संचालन कराने का निर्देश है।
निर्देशों की अनदेखी करने पर रविन्द्र कुमार मंडल और गीता कुमारी का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। दोनों से सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, गृहरक्षक सूरज कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए अलग से प्रतिवेदन भेजा जा रहा है।
इसी तरह कारगिल यातायात पोस्ट पर भी दो महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान मोबाइल चलाते हुए मिलीं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। यातायात विभाग की इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता को लेकर अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है। खासकर पिक आवर और वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान तैनात पुलिसकर्मियों को अपने निर्धारित दायित्वों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।




