'घूसखोर पंडत' के बाद ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर विवाद, खेसारी लाल ने कहा..सही-गलत का पैमाना सबके लिए एक हो

‘घूसखोर पंडत’ के बाद अब ‘यादव जी की लव स्टोरी’ फिल्म के टाइटल पर विवाद शुरू हो गया है। Khesari Lal Yadav ने सोशल मीडिया पर कहा कि सही और गलत का पैमाना सभी के लिए समान होना चाहिए।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 23 Feb 2026 05:36:48 PM IST

बिहार न्यूज

यादव जी की लव स्टोरी’ नाम से भड़के खेसारी - फ़ोटो सोशल मीडिया

DESK: फिल्म घूसखोर पंडित के नाम बदलने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। इसमें भी एक विशेष जाति का जिक्र है। अब यादव जी की लव स्टोरी फिल्म के नाम को लेकर विवाद बढ़ने लगा है। इसे लेकर भोजपुरी फिल्मों के सुपर स्टार खेसारी लाल यादव ने खुलकर अपनी बातें रखी है। 


सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर उन्होंने साफ तौर पर अपनी बातें रखी। उन्होंने कहा कि यदि सिनेमा वाले फैन अगर ‘घूसखोर पंडत’पर इक्कठा हुए और नाम हटाया तो फिर उन सबको ‘यादव जी की लव स्टोरी’पर भी इक्कठा होना चाहिए। और तभी जाकर लगेगा कि हम selective Approach नहीं रखते। जो ग़लत हैं सो ग़लत है। बस….


खेसारी लाल यादव ने आगे कहा कि सही और गलत का पैमाना सभी के लिए एक जैसा होना चाहिए। किसी एक नाम या वर्ग को लेकर विरोध करना और दूसरे मामले में चुप्पी साधना एक तरह का दोहरा मापदंड है। लेकिन खेसारी लाल के ट्वीट पर अब लोग प्रतिक्रिया देने लगे हैं। कुछ समर्थन में तो कुछ विरोध के स्वर बोल रहे हैं। खेसारी लाल यादव के इस ट्वीट के बाद लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।


 Dr.Marlo ने कहा कि घूसखोर यादव टाइटल रहता तब ना आप विरोध करते, यादवजी की लव स्टोरी में क्या प्रोब्लम है आपको? वही एक दूसरे यूजर Pk Singh का कहना है कि ये बोल भी कौन रहा है जो दूसरों की बहन बेटियों के बारे में अंड संड गाना गाता रहता है, ये गलत है मैं मानता हूं. लेकिन ये बात आप बोल रहे हो ये शोभा नहीं देता। 


जबकि Vikrant singh kuswaha ने खेसारी लाल से कहा कि आप शुरुआत करिये हम आपके साथ हैं। चुन मास्टर नामक यूजर ने तो फिल्म पर ही बैन करने की मांग कर दी है। उन्होंने कहा कि ये फिल्म का नाम जल्द से जल्द बदला जाए, या इस फिल्म को बैन किया जाए। बता दें कि कुछ दिन पहले मनोज बाजपेयी की फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर विवाद चल रहा था। 'घूसखोर पंडत' फिल्म के नाम को लेकर समाज के एक वर्ग ने जमकर विरोध जताया था। इस फिल्म के नाम को लेकर इंडस्ट्रीज के लोग जब एकजुट हुए तब कोर्ट के आदेश पर इसका टाइटल बदल दिया गया।


वही बिहार के गया जी जिले में भी यादव जी की लव स्टोरी फिल्म का विरोध हुआ। अखिल भारतवर्षीय यादव महासंघ (गया इकाई) ने यादव जी की लव स्टोरी के विरोध को लेकर सोमवार को प्रेस वार्ता आयोजित की। यह प्रेस वार्ता चंदौती स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) कार्यालय के समीप एक निजी भवन में संपन्न हुई, जिसमें संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष रामाश्रय यादव, मुकुल यादव, एडवोकेट वीरेंद्र गोप, सम्राट सिकंदर और प्रमोद यादव सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी।


महासंघ के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि यादव जी के लव स्टोरी फिल्म में एक विशेष समुदाय का चित्रण आपत्तिजनक तरीके से किया गया है, जिससे यादव समाज की भावनाएँ आहत हुई हैं। वक्ताओं ने कहा कि किसी समुदाय की नकारात्मक छवि प्रस्तुत करना न केवल सामाजिक सम्मान को प्रभावित करता है, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारे के माहौल को भी कमजोर कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सामग्री स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति उत्पन्न कर सकती है और शांति व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है।


संगठन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और बिहार सरकार से फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने तथा इसके नाम में परिवर्तन करने की मांग की है। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि किसी रचना से समाज के किसी वर्ग की गरिमा प्रभावित होती है, तो उस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान महासंघ ने 25 फरवरी को गांधी मैदान से विरोध रैली निकालने की घोषणा भी की। 


उन्होंने कहा कि जिस-जिस सिनेमा घर में फिल्म प्रदर्शित की जाएगी, वहाँ संगठन की ओर से प्रदर्शन और तोड़फोड़ किया जाएगा। साथ ही प्रशासन से फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग दोहराई गई। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि समाज की गरिमा और सम्मान बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने राज्य प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की अपील की।