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Srikrishna Setu : विक्रमशिला सेतु बंद होते ही बड़ा फैसला! श्रीकृष्ण सेतु पर 20 टन से ज्यादा वाहनों की एंट्री बंद

विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद श्रीकृष्ण सेतु पर बढ़ते भारी वाहनों के दबाव को देखते हुए 15 जून से हाइट गेज लगाया जाएगा। 20 टन से अधिक भार वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक लगेगी।

Srikrishna Setu
Srikrishna Setu
© Ai photo
Tejpratap
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Srikrishna Setu : विक्रमशिला सेतु के बंद होने के बाद क्षेत्र में यातायात का पूरा दबाव अब श्रीकृष्ण सेतु पर आ गया है। पिछले कुछ समय से इस पुल पर भारी और ओवरलोड वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इससे पुल की सुरक्षा और उसकी संरचनात्मक मजबूती को लेकर अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। इसी स्थिति को देखते हुए रेलवे और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने महत्वपूर्ण कदम उठाने का फैसला किया है।


अधिकारियों के अनुसार, श्रीकृष्ण सेतु को सुरक्षित रखने और उस पर बढ़ते भार को नियंत्रित करने के लिए 15 जून से पुल पर हाइट गेज लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। यह व्यवस्था लागू होने के बाद निर्धारित सीमा से अधिक वजन वाले वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। विशेष रूप से 20 टन से अधिक भार वाले वाहनों को पुल से गुजरने की अनुमति नहीं होगी।


एनएचएआई के परियोजना निदेशक मनीष कुमार ने बताया कि विक्रमशिला सेतु के बंद होने के कारण बड़ी संख्या में मालवाहक ट्रक और अन्य भारी वाहन वैकल्पिक मार्ग के रूप में श्रीकृष्ण सेतु का उपयोग कर रहे हैं। इससे पुल पर सामान्य क्षमता से अधिक दबाव पड़ रहा है। यदि इस स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो भविष्य में यह पुल की संरचनात्मक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।


उन्होंने कहा कि हाइट गेज की स्थापना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप वाहन ही पुल का उपयोग करें। इससे पुल की उम्र बढ़ाने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।


विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी पुल की एक निश्चित भार वहन क्षमता होती है। जब उस सीमा से अधिक वजन वाले वाहन लगातार गुजरते हैं, तो पुल की संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति बनी रहने पर पुल के विभिन्न हिस्सों में क्षति की संभावना बढ़ जाती है। इसी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने समय रहते यह कदम उठाने का निर्णय लिया है।


नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुल के दोनों ओर निगरानी भी बढ़ाई जाएगी। संबंधित एजेंसियां यह सुनिश्चित करेंगी कि कोई भी ओवरलोड वाहन नियमों का उल्लंघन कर पुल पर प्रवेश न कर सके। इसके लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा और जांच व्यवस्था भी की जाएगी।


रेलवे और एनएचएआई का मानना है कि इस पहल से न केवल श्रीकृष्ण सेतु की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि यातायात संचालन भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगा। भारी वाहनों के नियंत्रित आवागमन से पुल पर अनावश्यक दबाव कम होगा और आम लोगों के लिए यात्रा अधिक सुरक्षित बन सकेगी।


प्रशासन ने ट्रक चालकों, परिवहन कंपनियों और माल ढुलाई से जुड़े व्यवसायियों से निर्धारित भार सीमा का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए सभी वाहन संचालकों को तय मानकों के अनुरूप ही पुल का उपयोग करना चाहिए।


विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद उत्पन्न हुई परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि हाइट गेज की स्थापना और सख्त निगरानी व्यवस्था से श्रीकृष्ण सेतु की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी और क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहेगी।