1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 07, 2026, 4:39:02 PM
औचक निरीक्षण का आदेश - फ़ोटो सोशल मीडिया
PATNA: पुराना सचिवालय स्थित राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यालय कक्ष में शनिवार को पटना जिले के अपर समाहर्ता, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अंचलाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल ने की। इस दौरान राजस्व से संबंधित विभिन्न सेवाओं की प्रगति और लंबित मामलों की स्थिति की सख्ती से समीक्षा की गई।
बैठक में परिमार्जन प्लस के लंबित आवेदनों, दाखिल-खारिज और अपील वादों, बिहार भूमि विवाद निवारण अधिनियम, 2009 के तहत लंबित मामलों, लगान की अद्यतन स्थिति, सैरात बंदोबस्ती तथा राजस्व पदाधिकारियों के क्षेत्र में लंबित प्रकरणों के निष्पादन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रधान सचिव अनिल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने और राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी एवं संवेदनशील बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों को समय पर न्याय और सुविधा मिल सके।
समीक्षा के दौरान प्रधान सचिव ने अधिकारियों को इस माह राजस्व लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लगान वसूली सहित अन्य राजस्व से जुड़े लक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
बैठक के उपरांत मुख्यालय स्तर से 26 अधिकारियों की टीम गठित कर अंचल एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। सभी निरीक्षण करने वाले अधिकारियों को सोमवार तक अपनी निरीक्षण रिपोर्ट मुख्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान बैठक में सचिव गोपाल मीणा, सचिव जय सिंह, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत, अपर सचिव आजीव वत्सराज, उप निदेशक मोना झा सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने पटना जिले के राजस्व कार्यों की समीक्षा और अंचल कार्यालयों की औचक जांच को लेकर सख्त संदेश देते हुए कहा है कि राजस्व प्रशासन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता से जुड़े दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवाद और अन्य राजस्व सेवाओं के मामलों का समयबद्ध निष्पादन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यदि किसी स्तर पर अनावश्यक देरी या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राजस्व व्यवस्था को दलाल-मुक्त, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाना सरकार की प्रतिबद्धता है। सभी पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आम लोगों के कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हों और उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
वही प्रधान सचिव सी. के. अनिल ने कहा कि राजस्व मुख्यालय में पटना जिले के राजस्व कार्यों की सख्त समीक्षा और 26 अधिकारियों की टीम द्वारा कार्यालयों के औचक निरीक्षण का उद्देश्य व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख बनाना है। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जहां सुधार की आवश्यकता होगी, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।