Vande Bharat: इस रूट चलेगी देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को मिलेगी बड़ी सौगात; पीएम मोदी करेंगे रवाना

Vande Bharat: बिहार को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिलने जा रही है। पटना से दिल्ली के बीच चलने वाली यह सेमी हाई-स्पीड ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी और चुनावी तारीखों से पहले शुरू की जा सकती है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Aug 25, 2025, 2:58:39 PM

Vande Bharat

प्रतिकात्मक - फ़ोटो google

Vande Bharat: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ही राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सभी प्रमुख दलों के नेताओं का बिहार आना-जाना भी शुरू हो चुका है। ऐसे माहौल में भारतीय रेलवे भी सक्रिय नजर आ रहा है। रेलवे ने न केवल कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को फिर से शुरू करने का फैसला लिया है, बल्कि अब बिहारवासियों को एक और बड़ी सौगात देने की तैयारी कर रहा है।


भारतीय रेलवे देश की पहली सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को राजधानी पटना से चलाने की योजना बना चुका है। सूत्रों के मुताबिक, यह ट्रेन दिल्ली-पटना रूट पर चलेगी और इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।


वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और यह ट्रेन इस समय दिल्ली के शकूरबस्ती शेड में खड़ी है। जल्द ही रेल मंत्रालय इस ट्रेन से जुड़ी विस्तृत जानकारी, रूट और किराया साझा करेगा। फिलहाल पटना रूट पर यात्रियों की भारी भीड़ रहती है, ऐसे में यह ट्रेन यात्री भार को कम करने और सुविधाएं बढ़ाने में सहायक होगी।


यह ट्रेन पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी। इसमें थर्ड एसी, सेकंड एसी और फर्स्ट एसी स्लीपर कोच होंगे, जिससे सभी वर्गों के यात्री इसका लाभ उठा सकें। ट्रेन का इंटीरियर लग्जरी बसों और हवाई जहाजों की तरह आकर्षक होगा। सुरक्षा के लिहाज से इसमें सीसीटीवी कैमरे, ऑटोमैटिक डोर और आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं। बाथरूम को भी प्रीमियम डिजाइन दिया गया है, जिसमें नहाने के लिए अलग स्थान और ब्रांडेड, लेटेस्ट मॉडल के उपकरण लगाए गए हैं।


इस नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें प्रीमियम कैटरिंग सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। राजधानी एक्सप्रेस की तुलना में इसका किराया 10 से 15 प्रतिशत तक ज्यादा हो सकता है, साथ ही इसमें डायनेमिक फेयर सिस्टम भी लागू किया जा सकता है।