ब्रेकिंग
बेतिया राज की 6 एकड़ जमीन की हेराफेरी: रजिस्टर-2 में फर्जीवाड़ा कर बना डाली फर्जी जमाबंदी, अब जांच का आदेशबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत मेंअनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद के बीच नीतीश-ललन सिंह की मुलाकात, JDU में हलचल तेजगया सिविल कोर्ट के पास अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर किया विरोध-प्रदर्शन, पुलिस पर लगाया गंभीर आरोपबेतिया राज की 6 एकड़ जमीन की हेराफेरी: रजिस्टर-2 में फर्जीवाड़ा कर बना डाली फर्जी जमाबंदी, अब जांच का आदेशबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत मेंअनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद के बीच नीतीश-ललन सिंह की मुलाकात, JDU में हलचल तेजगया सिविल कोर्ट के पास अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर किया विरोध-प्रदर्शन, पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप

Vaishali Express : नाम और नंबर बदला, किराया घटा; वैशाली सुपरफास्ट अब सामान्य एक्सप्रेस

सहरसा से दिल्ली जाने वाली वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस अब सामान्य एक्सप्रेस बन गई। ट्रेन नंबर बदला, किराया घटा। जानें नई श्रेणी, स्टॉपेज और यात्रियों के अनुभव।

Vaishali Express : नाम और नंबर बदला, किराया घटा; वैशाली सुपरफास्ट अब सामान्य एक्सप्रेस
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Vaishali Express : सहरसा से नई दिल्ली जाने वाली प्रतिष्ठित वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस, जो लंबे समय से कोसी और मिथिला क्षेत्र के लोगों की प्रमुख जीवनरेखा रही है, अब अपने पुराने स्वरूप में संचालित नहीं होगी। भारतीय रेलवे ने इस ट्रेन की श्रेणी बदलते हुए इसे सुपरफास्ट से सामान्य एक्सप्रेस में परिवर्तित कर दिया है। करीब 50 वर्षों से चली आ रही यह सेवा अब एक नए नाम, नई पहचान और नए ट्रेन नंबर के साथ यात्रियों की सेवा में रहेगी। सुपरफास्ट श्रेणी से हटने के बाद अब यह ट्रेन पुराने नंबर 12553/12554 की जगह 15565/15566 के रूप में चलेगी।


टिकट किराया हुआ कम, लेकिन समय बढ़ने की आशंका

ट्रेन की श्रेणी बदलने के साथ ही विभिन्न श्रेणियों—स्लीपर, थर्ड एसी और सेकंड एसी—में यात्रा किराए में उल्लेखनीय कमी आई है। किराया कम होने से यात्रियों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी। हालांकि, इसका दूसरा पक्ष यात्रियों को चिंता में डाल रहा है। सामान्य एक्सप्रेस कैटेगरी में आने के बाद ट्रेन की गति और निर्धारित स्टॉपेज में बदलाव की संभावना है, जिससे कुल यात्रा समय बढ़ सकता है। कई यात्रियों ने आशंका जताई है कि अब सफर उतना तेज और सुविधाजनक नहीं रहेगा जितना सुपरफास्ट स्टेटस के दौरान था।


50 वर्षों की गौरवशाली यात्रा

इस ट्रेन का इतिहास काफी समृद्ध रहा है। 1973 में तत्कालीन रेल मंत्री और कोसी-मिथिला के लोकप्रिय नेता स्व. ललित नारायण मिश्र ने इसे जयंती जनता एक्सप्रेस के रूप में समस्तीपुर से नई दिल्ली के लिए शुरू कराया था। 1975 में इसका नाम बदलकर ‘वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस’ कर दिया गया और फिर यह मुजफ्फरपुर से दिल्ली तक चलने लगी।1982 में इसे बरौनी तक विस्तारित किया गया। 2019 में सहरसा को ब्रॉडगेज लाइन से जोड़ते हुए वैशाली एक्सप्रेस को सहरसा तक विस्तारित किया गया।


2025 में सहरसा–सुपौल बड़ी लाइन बनने के बाद इसका परिचालन और आगे बढ़ते हुए ललितग्राम स्टेशन से नई दिल्ली के बीच कर दिया गया। वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस न केवल एक ट्रेन रही, बल्कि सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, समस्तीपुर और मिथिला क्षेत्र के लाखों लोगों की दिल्ली आने-जाने की मुख्य और सुविधाजनक रेल सेवा के रूप में स्थापित थी।


यात्रियों के लिए बढ़ी दिक्कतें — नंबर बदलने से हुई परेशानी

ट्रेन नंबर बदलने के बाद कई यात्रियों ने शिकायत की है कि बिना जानकारी के ऑनलाइन टिकट बुक करने में परेशानी हो रही है। मझौल निवासी मु. तनवीर, जो पिछले दस सालों से दिल्ली में रह रहे हैं, बताते हैं—“वैशाली अपने पुराने स्वरूप में एक बेहद उम्दा ट्रेन थी। समय पर गंतव्य तक पहुंचना, साफ-सफाई, सुरक्षा और खाने-पीने की सुविधा इसकी खासियत थी। नंबर बदलने से लोगों को दिक्कत हो रही है और एक्सप्रेस बन जाने से इसकी गति पर भी असर पड़ेगा।”


स्थानीय लोगों का मिला-जुला प्रतिक्रिया

सहरसा और सुपौल के कई यात्रियों ने ट्रेन की पहचान बदलने पर अपनी चिंता जताई है। नवहट्टा के अभिमन्यु अमर और व्यवसायी शिव शंकर हिमांशु का कहना है कि क्षेत्र के लोगों के लिए यह ट्रेन दिल्ली जाने का सबसे विश्वसनीय विकल्प रही है। एक्सप्रेस श्रेणी में जाने से किराया तो कम होगा, लेकिन यात्रा अनुभव पर प्रभाव पड़ने की आशंका है। उनका कहना है—“सुपरफास्ट हटने से समय बढ़ सकता है, और ट्रेन की प्राथमिकता भी कम हो सकती है। उम्मीद है कि रेलवे सुविधाओं में कमी नहीं आने देगा।”


क्या बदला, क्या रहेगा पहले जैसा?


बदले हुए बिंदु:

सुपरफास्ट श्रेणी समाप्त

नया ट्रेन नंबर 15565/15566

किराए में कमी

संभावित अतिरिक्त स्टॉपेज


पहले जैसा जारी:

वही रूट

वही गंतव्य

क्षेत्र के लिए दिल्ली यात्रियों का प्रमुख सहारा

यात्रियों को रेलवे की अपील


रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि टिकट बुकिंग के समय पुराने नंबर की बजाय नए ट्रेन नंबर 15565 और 15566 का उपयोग करें। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था रेलवे की परिचालन नीति के अनुसार की गई है और इससे यात्रा सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने का प्रयास रहेगा।


वैशाली एक्सप्रेस के पुराने यात्रियों के लिए यह बदलाव भावनात्मक भी है, क्योंकि यह ट्रेन कोसी और मिथिला की पहचान बन चुकी थी। हालांकि किराया कम होने से जहां राहत मिलेगी, वहीं समय और सुविधा में बदलाव की संभावना यात्रियों को चिंतित कर रही है। भविष्य में रेलवे इस ट्रेन के संचालन को कितना बेहतर बनाता है, यह यात्रियों के अनुभवों पर निर्भर करेगा।