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तेजस्वी ने फिर समझाया बिहार 'सरकार' को, बोले- मकान छोड़ घर आना चाहते हैं लोग

PATNA : सीएम नीतीश कुमार भले ही बार-बार सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का हवाला देकर बिहार के बाहर फंसे लोगों से अपील कर रहे हैं कि जो जहां हैं वहीं रहें लेकिन विपक्ष भी हार मानत

FirstBihar
Anurag Goel
3 मिनट

PATNA : सीएम नीतीश कुमार भले ही बार-बार सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का हवाला देकर बिहार के बाहर फंसे लोगों से अपील कर रहे हैं कि जो जहां हैं वहीं रहें लेकिन विपक्ष भी हार मानता नहीं दिख रहा है। तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार सरकार को समझाते हुए आम और खास में फर्क नहीं करने की नसीहत दी है। 


तेजस्वी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि भूखे-प्यासे, हैरान-परेशान, बेचैन और व्यथित लोग विपदा के समय किराए के “मकानों” को छोड़ अपने “घरों” को लौटना चाहते है। बस इतनी सी बात बिहार सरकार समझ नहीं पा रही है। सरकारों को आपदा के समय आम और ख़ास में फ़र्क़ नहीं करना चाहिए।


इससे पहले तेजस्वी यादव ने शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर पूछा कि , 'बिहार सरकार आखिरकार अनिर्णय की स्थिति में क्यों हैं? अप्रवासी मजबूर मजदूर वर्ग और छात्रों से इतना बेरुखी भरा व्यवहार क्यों है? विगत कई दिनों से देशभर में फंसे हमारे बिहारी अप्रवासी भाई और छात्र लगातार सरकार से घर वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं, लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा कि सरकार के कानों तक जूं भी नहीं रेंग रही। आखिर उनके प्रति असंवेदनशीलता क्यों है?'


तेजस्वी ने पत्र में गुजरात और उत्तर प्रदेश की सरकारों की तारीफ करते हुए लिखा, 'गुजरात, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्य सरकारें जहां अपने राज्यवासियों के लिए चिंतित दिखी और राज्य के बाहर फंसे हुए लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने का इंतजाम किया, वहीं बिहार सरकार ने अपने बाहर फंसे राज्यवासियों को बीच मझधार में बेसहारा छोड़ दिया है।' तेजस्वी ने आरोप लगाया कि इस आपदा से निपटने में बिहार सरकार के दृष्टिकोण में भारी अस्पष्टता दिखाई देती है।

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