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सोनू सूद के एक ट्वीट से पटना की बेघर महिला-बच्चों को मिली छत, 10 दिनों से फुटपाथ पर रह रही थी

PATNA : पिछले 10 दिनों से पटना के फुटपाथ पर अपने दो छोटे बच्चों के साथ रह रही महिला को छत मिल गयी है. फिल्म अभिनेता सोनू सूद को किये गये एक ट्वीट ने महिला को जीने का सहारा दे

FirstBihar
Santosh Singh
4 मिनट

PATNA : पिछले 10 दिनों से पटना के फुटपाथ पर अपने दो छोटे बच्चों के साथ रह रही महिला को छत मिल गयी है. फिल्म अभिनेता सोनू सूद को किये गये एक ट्वीट ने महिला को जीने का सहारा दे दिया है. हालांकि सोनू सूद की मदद उस तक नहीं पहुंची है लेकिन स्थानीय लोगों ने महिला और बच्चों को घर के साथ साथ खाने-पीने का सारा इंतजाम कर दिया है. 

दो दिन पहले तस्वीर हुई थी वायरल

दरअसल पटना की महिला और बच्चों की तस्वीर को दो दिन पहले किसी ट्वीटर यूजन से सोनू सूद को टैग करते हुए ट्वीट किया था. ट्वीट में कहा गया था कि महिला बच्चों के साथ फुटपाथ पर रह रही है और उसके पास खाने-पीने को कुछ नहीं है. जवाब में सोनू सूद ने कहा था कि 24 घंटे के अंदर उसके बाद छत होगी. 

हालांकि सोनू सूद की मदद तो अब तक नहीं पहुंची है लेकिन उनका ट्वीट वायरल हो गया. इसके बाद पटना के स्थानीय लोग महिला की मदद के लिए आगे आये और उन्होंने महिला और बच्चों की खोजबीन शुरू की. उस परिवार का पता चलने के बाद पटना के लोगों ने सारी व्यवस्था कर दी है. पटना के कंकड़बाग के अमित श्रीवास्तव ने महिला अंजू को अपने मकान में चलने वाले लॉज का एक कमरा रहने के लिए दे दिया है. वहीं दूसरे लोगों ने उसके खाने-पीने का इंतजाम कर दिया है.

बच्चों को पानी पिलाकर गुजारा किया

फुटपाथ पर रह रही महिला अंजू देवी ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ मंदिरी में किराये के घर में रहती थी. पति मानसिक रूप से बीमार हैं. अंजू खुद होटल में काम कर अपने परिवार का गुजारा चलाती थी. लेकिन लॉकडाउन के कारण रोजगार छीन गया. अंजू ने बताया कि पिछली दफे जब लॉकडाउन लगा था तो उसने कुछ दिनों तक भीख मांग कर और लोगों का जूठा खाकर बच्चों समेत गुजारा किया था. इस दफे जब फिर से लॉकडाउन लगाया गया तो कोई सहारा नहीं था. किराया नहीं दिया तो मकान मालिक ने घर से निकाल दिया. पास में कुछ पैसे थे उससे कुछ दिनों तक चना-सत्तू खाया. लेकिन फिर कोई सहारा नहीं था. 



अंजू ने बताया कि ऐसे भी दिन आये कि बच्चों को सिर्फ पानी पिलाकर रखना पड़ा. अंजू और उसके परिवार को 10 दिन सड़क पर गुजारने पड़े.


इसी बीच किसी ट्वीटर यूजर ने सोनू सूद को महिला का मामला बताया. ट्वीट में अंजू देवी और उसके बच्चों की तस्वीर दी गयी थी. सोनू सूद ने 24 घंटे में मदद करने का भरोसा दिलाया. लेकिन तब तक वह ट्वीट और तस्वीर वायरल हो गया. इसके बाद स्थानीय लोगों ने महिला की मदद के लिए हाथ बढ़ाया. 


महिला की मदद करने वाले कंकडपबाग के अमित श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें सोनू सूद के ट्वीट की कोई जानकारी नहीं थी. सिर्फ इतनी खबर मिली कि किसी महिला और उसके बच्चों को मदद की जरूरत है. इसके बाद उन्होने मदद करने का फैसला ले लिया. अमित ने कहा कि महिला और उसका परिवार जब तक चाहे तब तक उनके घर में रह सकता है. उसके खाने पीने का भी इंतजाम कर दिया जायेगा.

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