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Sonam Wangchuk : 26 दिन बाद टूटा सोनम वांगचुक का अनशन! सरकार ने मानीं बड़ी मांगें, अब संसद में होगा बड़ा फैसला

NEET Paper Leak और शिक्षा सुधार की मांग को लेकर 26 दिन से अनशन पर बैठे Sonam Wangchuk ने सरकार के आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। जानिए सरकार ने क्या वादे किए और संसद में क्या होगा।

Sonam Wangchuk
Sonam Wangchuk
© Ai photo
Tejpratap
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4 मिनट

Sonam Wangchuk : नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर पिछले 26 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपना अनशन समाप्त कर दिया। शुक्रवार तड़के सामने आए एक वीडियो में वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में जूस पीकर अपना अनशन खत्म करते दिखाई दिए। इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि एंग्मो भी उनके साथ मौजूद रहीं।


अनशन समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार की ओर से कुछ अहम आश्वासन दिए गए हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि संसद मार्च और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके अलावा संसद में प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के उपायों पर व्यापक चर्चा कराने की बात भी कही गई है। सरकार ने यह भी संकेत दिया कि नीट विवाद से जुड़े उन परिवारों के लिए सहायता और मुआवजे पर विचार किया जाएगा, जिन्होंने इस पूरे घटनाक्रम में अपने बच्चों को खोया है।


इस घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर संदेश जारी करते हुए वांगचुक से डॉक्टरों की सलाह का पालन करने और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि सोनम वांगचुक पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौटें।


इससे पहले प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित एक वीडियो संदेश में परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार की आगामी योजना का भी उल्लेख किया था। उन्होंने बताया कि प्रश्नपत्र लीक रोकने और दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नया विधेयक तैयार किया गया है। इस मसौदे पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी और इसे अगले सप्ताह संसद में पेश करने की तैयारी है। सरकार का कहना है कि इस कानून के जरिए परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का कानूनी ढांचा मजबूत किया जाएगा।


अनशन समाप्त होने से पहले सोनम वांगचुक ने आंदोलन से जुड़े छात्रों और समर्थकों से शांतिपूर्ण बने रहने की अपील भी की थी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर अधिकांश प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे हैं, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने और हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह अहिंसक है और किसी भी प्रकार की हिंसा उसके उद्देश्य को कमजोर करेगी।


वांगचुक की पत्नी गीतांजलि एंग्मो ने भी प्रदर्शन में शामिल छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि नई पीढ़ी ने अनुशासन, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। उनके अनुसार आंदोलन के दौरान युवाओं ने एक-दूसरे की मदद की, भोजन और पानी साझा किया, प्रदर्शन स्थल की साफ-सफाई का ध्यान रखा और लगातार संयम बनाए रखा। उन्होंने कहा कि इन युवाओं को देखकर भविष्य के भारत को लेकर उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।


हालांकि सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त हो गया है, लेकिन छात्र संगठनों और आंदोलन से जुड़े अन्य समूहों ने संकेत दिए हैं कि उनकी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन अभी जारी रह सकता है। आने वाले दिनों में संसद में प्रस्तावित चर्चा और नए कानून पर सरकार की कार्रवाई इस पूरे आंदोलन की दिशा तय करेगी।


नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों की चिंता लगातार बनी हुई है। ऐसे में सरकार की ओर से शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर सभी की नजरें टिकी हैं।