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Bihar CM : अब सम्राट चौधरी के हाथ में बिहार की कमान, सुबह 10:50 बजे शपथ के साथ शुरू होगा नया दौर

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। अब पूर्व उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एनडीए विधायक दल का नेता

Samrat Choudhary
Samrat Choudhary
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Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar CM : एनडीए में सत्ता परिवर्तन के साथ बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा देकर सत्ता की कमान नए नेतृत्व को सौंपने का रास्ता साफ कर दिया। इसके साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है और अब सबकी निगाहें बुधवार सुबह 10:50 बजे होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जहां पूर्व उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।


यह सत्ता हस्तांतरण एनडीए के भीतर आपसी सहमति और रणनीतिक संतुलन के साथ शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। करीब दो दशक तक सत्ता में रहने के बाद नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट की अंतिम बैठक में भाग लिया और उसके बाद राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप दिया। इस्तीफे की इस प्रक्रिया के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गईं।


इस्तीफे के तुरंत बाद एनडीए में नए नेतृत्व को लेकर औपचारिक प्रक्रिया शुरू हुई। पहले भाजपा विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में पहुंचे शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया। इस बैठक में कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके नाम का समर्थन किया, जिससे पार्टी में एकजुटता का संदेश गया।


बैठक में पूर्व उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री रेणु देवी और विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने समर्थन दिया। इसके बाद केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान ने औपचारिक रूप से सम्राट चौधरी के नेता चुने जाने की घोषणा की।


इसके बाद एनडीए विधानमंडल दल की संयुक्त बैठक विधानसभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित की गई। इस बैठक में नीतीश कुमार भी मौजूद रहे और उन्होंने ही औपचारिक रूप से सम्राट चौधरी को एनडीए विधायक दल का नेता घोषित किया। मंच पर कई प्रमुख नेता उपस्थित थे, जिनमें केंद्रीय मंत्री एवं जदयू के नेता राजीव रंजन सिंह ललन सिंह, जीतन राम मांझी, रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे।


बैठक के दौरान माहौल उत्साहपूर्ण रहा और नीतीश कुमार ने विधायकों से तालियों के साथ सम्राट चौधरी के नेतृत्व का स्वागत करने का आग्रह किया। पूरे हॉल में नई सरकार के गठन को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला। नेताओं का मानना है कि यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक नई दिशा तय करेगा।


इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और अन्य वरिष्ठ नेताओं की सक्रिय भूमिका रही। वहीं केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ललन सिंह और अन्य एनडीए सहयोगी दलों के नेताओं ने भी सरकार गठन की प्रक्रिया में भागीदारी निभाई।


अब सभी की नजरें बुधवार सुबह 10:50 बजे लोक भवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जहां सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। माना जा रहा है कि यह समारोह बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में दर्ज होगा। नई सरकार के गठन के साथ राज्य में विकास और प्रशासनिक नीतियों को लेकर भी नई दिशा की उम्मीद जताई जा रही है।


इस तरह एनडीए के भीतर हुए इस शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण ने बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है, जहां पुराने नेतृत्व से नए नेतृत्व की ओर सत्ता का हस्तांतरण पूरी सहमति और रणनीतिक संतुलन के साथ पूरा हुआ है।