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Bihar MLC Election 2026: विधान परिषद चुनाव ने खोली महागठबंधन की पोल! RJD के बाद कांग्रेस भी सभी 8 सीटों पर उतरेगी उम्मीदवार; प्रदेश अध्यक्ष ने कर दिया एलान

Bihar MLC Election 2026: RJD ने विधान परिषद की 6 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। कांग्रेस ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद दोनों दलों की राह अलग है। जन सुराज भी सभी 8 सीटों पर चुनाव लड़ेगा।

Bihar MLC Election 2026: विधान परिषद चुनाव ने खोली महागठबंधन की पोल! RJD के बाद कांग्रेस भी सभी 8 सीटों पर उतरेगी उम्मीदवार; प्रदेश अध्यक्ष ने कर दिया एलान
Tejpratap
Tejpratap
6 मिनट

पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर गठबंधन की गांठ खुलती नजर आ रही है। विधानसभा चुनाव के बाद अब विधान परिषद चुनाव ने RJD और कांग्रेस के बीच रिश्तों की असली तस्वीर सामने ला दी है। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल ने छह सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। आरजेडी के इस कदम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बिहार में महागठबंधन अब सिर्फ चुनावी इतिहास बनकर रह गया है?

कांग्रेस ने भी इस सवाल का जवाब देते हुए स्थिति काफी हद तक साफ कर दी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा है कि RJD के साथ कांग्रेस का गठबंधन केवल बिहार विधानसभा चुनाव तक था। विधानसभा चुनाव के बाद दोनों पार्टियों की राह अलग हो चुकी है।यानी विधान परिषद चुनाव में अब दोनों दल एक-दूसरे के साथ नहीं, बल्कि आमने-सामने चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में मुकाबला और दिलचस्प होने वाला है।

RJD ने खोले पत्ते, 6 सीटों पर उम्मीदवार घोषित

विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव को लेकर आरजेडी ने शुक्रवार को अपने छह उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। पार्टी ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजीव कुमार सिंह और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से दिलीप कुमार को मैदान में उतारा है।

इसके अलावा कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नितेश कुमार, दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अनिल कुमार झा, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रो. जयराम यादव और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. रश्मि विनायक गौतम को उम्मीदवार बनाया गया है। आरजेडी की ओर से अभी दो सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान बाकी है। माना जा रहा है कि पार्टी जल्द ही इन सीटों को लेकर भी अपना पत्ता खोल सकती है।

कांग्रेस ने भी दिखाए तेवर, सभी 8 सीटों पर लड़ने की तैयारी

आरजेडी के उम्मीदवारों के ऐलान के बाद कांग्रेस भी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि पार्टी के भीतर विधान परिषद चुनाव को लेकर मंथन चल रहा है और जल्द ही संभावित उम्मीदवारों के नाम सामने आएंगे।

खास बात यह है कि कांग्रेस सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। हालांकि, पार्टी सूत्रों के मुताबिक फिलहाल तीन सीटों के लिए ही एक-एक आवेदन प्राप्त हुए हैं।ऐसे में साफ है कि विधानसभा चुनाव के दौरान एक साथ नजर आने वाले दोनों दल अब विधान परिषद चुनाव में अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश करेंगे।

16 नवंबर को खत्म होगा MLC का कार्यकाल

बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों पर चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है। इनमें चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।चुनाव की प्रक्रिया को लेकर सितंबर में घोषणा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों की सक्रियता भी लगातार बढ़ने लगी है।

अब तीसरा कोण जन सुराज का, सभी 8 सीटों पर उतरेगा उम्मीदवार

इस चुनाव को सिर्फ RJD बनाम कांग्रेस की लड़ाई मानना जल्दबाजी होगी। मैदान में जन सुराज ने भी उतरने का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने बिहार विधान परिषद की सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है।बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद जन सुराज के हौसले बुलंद हैं। अब पार्टी विधान परिषद चुनाव में भी अपनी ताकत आजमाने की तैयारी कर रही है।

सबसे दिलचस्प मुकाबला पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में देखने को मिल सकता है। यहां भाजपा समर्थित नवल किशोर यादव लंबे समय से मजबूत स्थिति में हैं। वह वर्ष 1996 से लगातार इस सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं। इसी बीच जन सुराज के खेमे में दिव्या ज्योति की एंट्री ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है। चर्चा है कि पार्टी उन्हें पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव के खिलाफ मैदान में उतार सकती है। दिव्या ज्योति पहले भी नवल किशोर यादव के खिलाफ चुनाव लड़ चुकी हैं, हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

RJD-कांग्रेस के बाद अब जन सुराज की चुनौती

विधान परिषद चुनाव में अगर कांग्रेस और आरजेडी अलग-अलग मैदान में उतरते हैं और जन सुराज भी सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारता है, तो मुकाबला कई सीटों पर बहुकोणीय हो सकता है। खासकर पटना शिक्षक और स्नातक सीटों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ व्यक्तिगत उम्मीदवारों की पकड़, शिक्षक-स्नातक मतदाताओं के बीच प्रभाव और संगठन की ताकत निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

फिलहाल सबसे बड़ा संदेश आरजेडी और कांग्रेस की अलग राह को लेकर सामने आया है। विधानसभा चुनाव तक साथ चलने वाला गठबंधन अब विधान परिषद चुनाव में दिखाई नहीं दे रहा। ऐसे में सवाल सिर्फ आठ सीटों का नहीं है, बल्कि यह चुनाव बिहार की बदलती राजनीतिक तस्वीर में किस दल की पकड़ कितनी मजबूत है, इसका भी बड़ा टेस्ट बन सकता है।