RPF Group C Bonus : दिवाली के त्योहार के बीच रेलवे के कुछ कर्मचारियों के लिए राहत और खुशखबरी वाली खबर सामने आई है। अगर आप या आपके परिवार में कोई रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) या रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स (RPSF) में नौकरी करता है, तो यह खबर आपके काम की है। रेल मंत्रालय ने इन दोनों सुरक्षा बलों के ग्रुप C कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन का बोनस देने की मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि इस बोनस के लिए कर्मचारियों के वेतन की कोई न्यूनतम या अधिकतम पात्रता सीमा तय नहीं की गई है। हालांकि, बोनस की गणना के लिए 7,000 रुपये प्रतिमाह की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है।
रेल मंत्रालय के इस फैसले से बड़ी संख्या में RPF और RPSF कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। त्योहार के मौके पर मिलने वाली यह अतिरिक्त रकम कर्मचारियों के लिए दिवाली की खरीदारी और दूसरे घरेलू खर्चों में मददगार साबित हो सकती है। मंत्रालय की ओर से 2 नवंबर को जारी सर्कुलर में बोनस से जुड़े नियम, पात्रता और भुगतान की गणना का तरीका स्पष्ट किया गया है।
RPF और RPSF के किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस?
रेल मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिनों का नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (Non-Productivity Linked Bonus) यानी एड-हॉक बोनस दिया जाएगा। इसका लाभ RPF और RPSF में कार्यरत पात्र ग्रुप C कर्मचारियों को मिलेगा।
इसमें वर्दी पहनकर ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ बिना वर्दी वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। यानी कर्मचारी की ड्यूटी का स्वरूप चाहे जैसा हो, अगर वह मंत्रालय की ओर से निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करता है तो उसे बोनस का लाभ मिल सकता है।
इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि बोनस पाने के लिए वेतन की कोई अलग पात्रता सीमा नहीं रखी गई है। हालांकि, बोनस की राशि निकालते समय कर्मचारी की वास्तविक औसत मासिक सैलरी और 7,000 रुपये की निर्धारित सीमा में से जो भी कम होगी, उसी को आधार बनाया जाएगा।
कितने रुपये मिलेगा 30 दिन का बोनस?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कर्मचारियों के खाते में कितने रुपये आएंगे? रेल मंत्रालय ने बोनस की गणना के लिए एक निश्चित फॉर्मूला तय किया है। इसके तहत कर्मचारी की औसत मासिक सैलरी या 7,000 रुपये में से कम रकम को आधार मानकर बोनस की गणना की जाएगी। इसके बाद इस रकम को 30.4 से भाग दिया जाएगा और प्राप्त राशि को 30 से गुणा किया जाएगा। इसी आधार पर 30 दिनों का बोनस निर्धारित होगा।
अगर किसी कर्मचारी की औसत मासिक सैलरी 7,000 रुपये या उससे अधिक है, तो उसकी गणना 7,000 रुपये की अधिकतम सीमा पर होगी। इस हिसाब से 30 दिनों के बोनस की अधिकतम राशि 6,907.89 रुपये बैठती है। इसे राउंड ऑफ करने के बाद 6,908 रुपये किया जाएगा। यानी निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले कर्मचारी को अधिकतम 6,908 रुपये का बोनस मिल सकता है। वहीं, जिन कर्मचारियों की औसत मासिक सैलरी 7,000 रुपये से कम है, उनके बोनस की रकम उसी के अनुसार कम होगी।
बोनस पाने के लिए पूरी करनी होंगी ये शर्तें
रेल मंत्रालय ने बोनस का लाभ देने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी निर्धारित की हैं। केवल RPF या RPSF में काम करने से ही हर कर्मचारी बोनस का हकदार नहीं हो जाएगा। इसके लिए तय पात्रता नियमों को पूरा करना जरूरी होगा।सर्कुलर के अनुसार, कर्मचारी का 31 मार्च 2026 को सेवा में होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उसने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कम से कम छह महीने की लगातार सेवा पूरी की होनी चाहिए।
जिन कर्मचारियों ने पूरे 12 महीने काम नहीं किया है, उनके लिए भी राहत दी गई है। अगर किसी कर्मचारी ने छह महीने से लेकर एक साल के बीच सेवा की है तो उसे पूरे 30 दिनों का बोनस नहीं, बल्कि काम किए गए महीनों के अनुपात में बोनस दिया जाएगा। इसका मतलब है कि कर्मचारी ने जितने महीने पात्र सेवा दी है, उसी के हिसाब से उसकी बोनस राशि तय होगी।
रिटायर और मृत कर्मचारियों के परिवार को भी मिल सकता है लाभ
रेल मंत्रालय के सर्कुलर में कुछ विशेष परिस्थितियों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी बोनस का पात्र माना गया है। इसमें ऐसे अस्थायी कर्मचारी शामिल हैं, जिन्होंने बिना किसी सेवा अंतराल यानी ब्रेक के लगातार काम किया है और निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं।इसके अलावा वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कम से कम छह महीने की नियमित सेवा पूरी करने के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों को भी नियमों के मुताबिक बोनस का लाभ मिल सकता है। इसी तरह, वित्त वर्ष के दौरान सेवा में रहते हुए जिन कर्मचारियों की मृत्यु हो गई, उनके मामले में भी निर्धारित पात्रता शर्तों के आधार पर बोनस का लाभ दिया जा सकता है।
त्योहार के बीच रेलवे कर्मचारियों के लिए राहत
रेल मंत्रालय का यह फैसला RPF और RPSF के ग्रुप C कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है। रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में दिन-रात ड्यूटी करने वाले इन कर्मचारियों को 30 दिनों का बोनस मिलने से त्योहार के समय अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि 6,908 रुपये सभी कर्मचारियों को मिलने वाली फिक्स रकम नहीं है। यह निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर मिलने वाला अधिकतम बोनस है। वास्तविक भुगतान कर्मचारी की औसत सैलरी, सेवा अवधि और पात्रता पर निर्भर करेगा। कुल मिलाकर, दिवाली के मौके पर रेल मंत्रालय का यह फैसला RPF और RPSF कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर लेकर आया है। अब कर्मचारियों की नजर बोनस के भुगतान और खाते में रकम आने पर रहेगी।





