Bihar Politics : पटना की सियासत एक बार फिर सरकारी आवास विवाद को लेकर गर्म हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi फिलहाल 10 Circular Road, Patna स्थित सरकारी बंगला 6 जून तक खाली करने के मूड में नहीं हैं। इधर, बिहार सरकार ने यह बंगला कैबिनेट मंत्री Nand Kishore Yadav को आवंटित कर दिया है, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर खाली कराने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख Lalu Prasad Yadav अभी इलाज के लिए सिंगापुर में हैं और 6 जून तक उनके लौटने की संभावना है। लालू यादव के वापस आने के बाद ही इस पूरे मामले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि परिवार के भीतर तीन संभावित विकल्पों पर गंभीर चर्चा चल रही है।
पहला विकल्प: 39 हार्डिंग रोड बंगला
सरकार की ओर से राबड़ी देवी को 39 Harding Road, Patna आवंटित किया गया है। यह बंगला फिलहाल वैकल्पिक सरकारी आवास के रूप में दिया गया है, जहां वे अपने निजी आवास के तैयार होने तक रह सकती हैं। प्रशासन का मानना है कि यह एक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प है।
इस विकल्प को लेकर राजद के भीतर मतभेद भी सामने आ रहे हैं। पार्टी के कुछ नेता मानते हैं कि लालू परिवार को नया बंगला स्वीकार कर लेना चाहिए ताकि विवाद खत्म हो जाए और कानूनी टकराव से बचा जा सके। वहीं, एक धड़ा यह भी कह रहा है कि 10 सर्कुलर रोड का बंगला खाली करने का दबाव अगर बढ़ता है तो परिवार को अपने निजी आवास में शिफ्ट हो जाना चाहिए, लेकिन किसी नए सरकारी आवास को स्वीकार नहीं करना चाहिए।
दूसरा विकल्प: कौटिल्य नगर स्थित नया आवास
लालू परिवार के लिए दूसरा विकल्प Kautilya Nagar, Patna में बन रहा नया बंगला है। वेटनरी कॉलेज कैंपस के पीछे स्थित इस आवास का निर्माण तेजी से चल रहा है, हालांकि यह अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है। यह बंगला आधुनिक सुविधाओं से लैस बताया जा रहा है। इसमें पांच बड़े बेडरूम, दो विशाल हॉल और एक विस्तृत गार्डन एरिया शामिल है। इसकी लोकेशन भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यहां से विधानसभा और सचिवालय जैसी प्रमुख प्रशासनिक जगहें नजदीक हैं। इसे लालू परिवार के राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से भी सुविधाजनक माना जा रहा है।
तीसरा विकल्प: महुआ बाग में निर्माणाधीन बंगला
तीसरा विकल्प दानापुर के Mahua Bagh, Danapur में बन रहा निजी बंगला है। यह दो मंजिला भव्य आवास लालू परिवार खुद देखरेख में बनवा रहा है। बताया जाता है कि Lalu Prasad Yadav समय-समय पर निर्माण कार्य का जायजा लेने भी जाते रहे हैं।
इस बंगले में 7 से 8 कमरे, बड़े हॉल और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के लिए ऊंची बाउंड्री वॉल बनाई जा रही है। हालांकि सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह बंगला अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। इंटीरियर और फिनिशिंग का काम जारी है, ऐसे में तत्काल शिफ्ट होना संभव नहीं माना जा रहा है।
राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव
इस पूरे मामले में सरकार और विपक्ष दोनों की नजरें टिकी हुई हैं। प्रशासन चाहता है कि आवास आवंटन नियमों के अनुसार जल्द से जल्द सरकारी बंगला खाली हो। वहीं, राजद इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से संवेदनशील मानते हुए कोई भी फैसला सोच-समझकर लेना चाहती है।
अब सबकी निगाहें 6 जून पर टिकी हैं, जब लालू यादव के पटना लौटने के बाद यह तय होगा कि राबड़ी देवी सरकारी बंगले में रहेंगी, नया आवास स्वीकार करेंगी या फिर कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा। यह फैसला बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा असर डाल सकता है।





