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पूर्व विधायक के भाईयों का मर्डर केस : पटना पुलिस ने एक आरोपी को किया अरेस्ट

PATNA : दो दिन पहले राजधानी पटना में पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के दो भाइयों की हत्या के मामले में पटना पुलिस को कामयाबी मिली है. पटना पुलिस ने हत्या में शामिल एक अपराधी को पकड़ने

पूर्व विधायक के भाईयों का मर्डर केस : पटना पुलिस ने एक आरोपी को किया अरेस्ट
First Bihar
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PATNA : दो दिन पहले राजधानी पटना में पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के दो भाइयों की हत्या के मामले में पटना पुलिस को कामयाबी मिली है. पटना पुलिस ने हत्या में शामिल एक अपराधी को पकड़ने का दावा किया है. पटना के एसएसपी ने आज इस मामले का खुलासा करते हुए बताया है कि एक अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. आपको बता दें कि अरवल के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के दो सगे भाइयों की पत्रकार नगर थाना इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में कुल 6 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था. इसमें नीमा गांव के रहने वाले बबलू सिंह और हरेंद्र सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी बचे पांच अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.


यह पूरा मामला चितरंजन शर्मा और उनके विरोधी संजय सिंह के बीच आपसी वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा हुआ है. इस गैंगवार में अब तक के कई हत्याएं हो चुकी है नीमा गांव से ताल्लुक रखने वाले संजय सिंह के करीबियों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है. यह पूरा मामला पांडव सेना के दो सदस्यों से जुड़ा हुआ है. नक्सलियों से संघर्ष के लिए कभी पांडव सेना का गठन संजय सिंह और चितरंजन शर्मा जैसे लोगों ने किया था, लेकिन बाद में इन दोनों के बीच मतभेद हो गया और आपसी वर्चस्व की लड़ाई ज्यादा हिंसक होती गई. पिछले 1 महीने के अंदर चार लोगों की हत्या हो चुकी है. चितरंजन शर्मा के परिवार के दो लोगों की हत्या इसके पहले जहानाबाद और मसौढ़ी में की जा चुकी थी. पिछले दिनों पटना में दो भाइयों की हत्या कर दी गई. पुलिस इसे गैंगवार मान रही है लेकिन एक अपराधी को पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली है.


चितरंजन शर्मा और संजय सिंह के बीच यह फसाद साल 2004 में शुरू हुआ था. 2004 में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय के बेटे प्रशांत सहाय की हजारीबाग कोर्ट परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस केस में भी संजय सिंह को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. इस घटनाक्रम के बाद संजय सिंह को इस बात का अंदेशा हुआ कि हत्याकांड में उसकी संलिप्तता के बारे में पुलिस को चितरंजन शर्मा ने जानकारी दी. यहीं से विवाद शुरू हुआ और आज कई साल गुजर जाने के बावजूद धोखे में एक दूसरे के लोगों की हत्या करते आ रहे हैं.



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