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पावर सेक्टर में आत्मनिर्भर बिहार, अब बाजार से बिजली खरीदने की जरूरत नहीं

PATNA : ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार अब किसी पर निर्भर नहीं है. बिहार को अब बाजार से बिजली खरीदने की जरुरत नहीं है. बरौनी बिजलीघर के बाद बाढ़ बिजलीघर से बिजली की आपूर्ति शुरू होने के

पावर सेक्टर में आत्मनिर्भर बिहार, अब बाजार से बिजली खरीदने की जरूरत नहीं
First Bihar
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PATNA : ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार अब किसी पर निर्भर नहीं है. बिहार को अब बाजार से बिजली खरीदने की जरुरत नहीं है. बरौनी बिजलीघर के बाद बाढ़ बिजलीघर से बिजली की आपूर्ति शुरू होने के बाद बिहार की बाजार पर निर्भरता लगभग खत्म हो गई है. बाढ़ से 401 मेगावाट बिजली की सप्लाई के पहले बरौनी से भी बिहार को 250 मेगावाट की आपूर्ति इसी महीने शुरु हुई है. लगभग 651 मेगावाट की अतिरिक्त आपूर्ति के बाद बिहार की बिजली जरूरतें पूरी हो गई हैं. बिहार बाजार से 300-500 मेगावाट बिजली खरीद रहा था.


शीघ्र ही उसे नवीनगर रेल बिजली कंपनी से भी 25 मेगावाट बिजली मिलने वाली है. यह बिजलीघर बनकर तैयार हो चुका है और इसका ट्रायल भी सफल रहा. यहां से बिजली मिलने के बाद बिहार का केन्द्रीय कोटा और बढ़ जाएगा. बाजार पर निर्भरता खत्म होने के बाद बिहार को रोजाना भारी भरकर राशि की बचत भी होगी. पिछले दिनों बिजली संकट के समय बिहार रोजाना 1000-1200 मेगावाट बिजली 20 रुपए प्रति यूनिट की दर से बाजार से ले रहा था.


बरौनी और बाढ़ से बिजली मिलने के बाद बिहार को केन्द्रीय सेक्टर से 7000 मेगावाट से अधिक बिजली रोजाना मिलेगी. जबकि, जरूरत 5000-5500 मेगावाट की है. हालांकि बिजलीघर पूरी क्षमता के साथ नहीं चलती. लिहाजा कोटा से कुछ कम ही बिजली की आपूर्ति होगी. कम बिजली के बाद भी बिहार को उसकी जरूरत की बिजली तो मिलेगी ही. ऐसे में बाजार से महंगी बिजली खरीदने क मजबूरी अब नहीं होगी.


गौरतलब है कि बिहार की बिजली मांग रोजाना लगभग 5000-5500 मेगावाट है. हालांकि इस समय 4000-4500 मेगावाट की ही डिमांड है. इसके बढ़ने की संभावना है. ऐसे अधिकतम मांग इस साल 16 जुलाई को रात 10 बजे 6627 मेगावाट तक पहुंच गयी थी. दिन में मांग कम रहती है जबकि शाम में डिमांड बढ़ जाती है. शाम में बिहार को जरूरत पूरी करने के लिए बाजार से बिजली लेनी पड़ती है.