PATNA: पटना के पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) में इलाज के दौरान एक नर्स के पति की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मृतक की पत्नी, जो खुद पीएमसीएच में नर्स हैं, उन्होंने पीएमसीएच के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही और गलत दवा देने का आरोप लगाया है। वहीं, इंटर्न डॉक्टरों पर नर्स और उनके बेटे के साथ मारपीट करने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, पीएमसीएच में कार्यरत नर्स लक्ष्मी कुमारी के पति का इलाज अस्पताल के आईसीयू में चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद काफी देर तक शव को आईसीयू के बेड पर ही रखा गया। जब उन्होंने डॉक्टरों से इस बारे में जानकारी मांगी, तो विवाद हो गया।
नर्स लक्ष्मी कुमारी ने आरोप लगाया कि उनके पति की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक बार डायलिसिस पहले हो चुका था, जबकि दूसरी बार डायलिसिस के दौरान डॉक्टरों ने गलत दवा दे दी, जिससे रिएक्शन हुआ और उनके पति की मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह मरीज की स्थिति जानने पहुंचीं, तो डॉक्टरों ने भीड़ लगाने की बात कहकर अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद उनके बेटे को एक कमरे में बंद कर पीटा गया और उनके साथ भी मारपीट की गई।
पीएमसीएच में तैनात नर्स के पति की इलाज के दौरान आईसीयू में मौत हो गयी। मौत के बाद काफी देर तक डेड बॉडी को बेड पर रखा गया और जब इस संबंध में परिजनों ने पूछताछ की तब नर्स और उनके बेटे की पिटाई कर दी गई। पीएमसीएच के इंटर्न डॉक्टरों पर नर्स और बेटे की रुम में बंद कर पिटाई करने का आरोप लगा है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पीएमसीएच की अन्य नर्सों ने डॉक्टरों के खिलाफ हंगामा मचाया और इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाया। पीएमसीएच की नर्स लक्ष्मी कुमारी के पति की मौत हो गयी है। घटना के बाद नर्स लक्ष्मी कुमारी ने बताया कि डॉ. सौरभ कुमार की गलती के कारण उनके पति की मौत हो गयी है।
पीएमसीएच की नर्स लक्ष्मी कुमारी ने बताया कि उनके पति की तबीयत बिगड़ गयी थी। एक डायलिसिस पहले हो चुका था, आज दूसरी बार डायलिसिस हुआ था। डॉक्टरों ने सही से इलाज नहीं किया। डॉ. सौरभ कुमार ने गलत दवा दिया जिससे रियेक्शन हो गया और पति की मौत हो गयी। मरीज का हाल जानने पहुंचे तब मुझे और कहने लगे कि इतना भीड़ क्यों लगाये हुए हो। इतना कहने के बाद मेरे बेटे को रुम में बंदकर डॉक्टरों ने पीट डाला और मुझे भी जमकर पिटाई की गयी। इस घटना की सूचना मिलते ही पीएमसीएच की सभी नर्स इक्ट्ठा होकर हंगामा करने लगी और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से पीएमसीएच सहित तमाम अस्पतालों में सीसीटीवी लगाने की मांग करने लगी। कहने लगी कि सीसीटीवी लगाइए और सबका ड्यूटी देखिये कैसे यहां काम लोग करता है। पीएमसीएच के डॉक्टरों पर आरोप लगाया कि ये लोग पेशेंट को फंसाकर रखते हैं। मरीज का इलाज नहीं करते हैं।
मृतक के बेटे ने कहा कि मेरे पिताजी को आईसीयू में ट्रांसफर किया गया था। जहां एक भी डॉक्टर पापा को रात में देखने नहीं आता था। रात में जूनियर डॉक्टर सिर्फ सोने का काम करता था। बुलाने जाने के बाद कहता था कि हम क्या करे जो हो रहा है होने दो। डायलिसिस के दौरान ना जाने कौन सी दवा चलाया कि रियेक्शन हुआ और पिताजी का देहांत हो गया। काफी देर तक डेड बॉडी को बेड पर ही रखा गया और इस संबंध में जानकारी मांगने पर मां और मेरी पिटाई की गयी। फिलहाल मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं, इस घटना के बाद अस्पताल में तनाव का माहौल बना हुआ है।







