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प्लान मंजूरी के बगैर हाईकोर्ट शताब्दी भवन के बगल में बन रही थी इमारत, न्यायालय ने लिया संज्ञान

PATNA : शनिवार को हाईकोर्ट की नई शताब्दी बिल्डिंग का उद्घाटन हुआ था। इस शताब्दी भवन के ठीक बगल में पटना नगर निगम से मंजूरी लिए बगैर एक इमारत का निर्माण कराया जा रहा था। हाईकोर्ट के मजार के बगल में

प्लान मंजूरी के बगैर हाईकोर्ट शताब्दी भवन के बगल में बन रही थी इमारत, न्यायालय ने लिया संज्ञान
Anamika
2 मिनट

PATNA : शनिवार को हाईकोर्ट की नई शताब्दी बिल्डिंग का उद्घाटन हुआ था। इस शताब्दी भवन के ठीक बगल में पटना नगर निगम से मंजूरी लिए बगैर एक इमारत का निर्माण कराया जा रहा था। हाईकोर्ट के मजार के बगल में बन रही इमारत पर न्यायालय ने स्वत संज्ञान लिया है। शनिवार को उद्घाटन के बाद नई शताब्दी बिल्डिंग में सुनवाई का पहला दिन था और इसी दौरान पांच जजों की विशेष पीठ एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई कर रही थी तभी उसकी नजर हाई कोर्ट मजार के बगल में बन रही तीन मंजिली इमारत पर चली गई

हाई कोर्ट ने इस मामले पर स्वत संज्ञान लिया. कोर्ट ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को तलब किया और इमारत पर की जानकारी प्राप्त कर वस्तुस्थिति से अवगत कराने का निर्देश दिया. रजिस्ट्रार जनरल ने डीएम और नगर आयुक्त से बात करने के बाद कोर्ट को यह जानकारी दी कि इमारत के निर्माण के लिए निगम से कोई प्लान अप्रूवल नहीं कराया गया है. कोर्ट डे बिल्डिंग सिस्टर की मजार की इमारत से हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ने वाले असर को देखते हुए जस्टिस अश्विनी कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय विशेष पीठ ने इस पर संज्ञान लिया.

विशेष पीठ ने कई बिंदुओं पर सुनवाई के लिए इस मामले को मुख्य न्यायाधीश संजय करोल के पास स्थानांतरित कर दिया है. अब मुख्य न्यायाधीश उपयुक्त पीठ का गठन करेंगे जो इस मामले को देखेगा.