1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 27, 2026, 9:27:08 AM
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Patna land mafia : राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ अंचल से भू-माफिया के दुस्साहस की ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल तो खड़े किए ही, साथ ही जिला प्रशासन की सख्ती का भी बड़ा संदेश दे दिया।
मामला जमीन हड़पने की साजिश से जुड़ा है, जहां आरोप है कि भू-माफिया ने पहले फर्जी सेल डीड तैयार कराई और फिर उसी के आधार पर जमीन की जमाबंदी अपने नाम करा ली। हैरानी की बात यह रही कि दाखिल-खारिज की पूरी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। लेकिन जैसे ही पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर वरीय अधिकारियों से शिकायत की, पूरा खेल खुलने लगा।
फर्जी दस्तावेज, असली खेल
पीड़िता ने आरोप लगाया कि पिपरा थाना क्षेत्र के निवासी धीरज कुमार की पत्नी सीमा कुमारी ने अवर निबंधन कार्यालय के दस्तावेजों की नकल कर कूटरचित (फर्जी) सेल डीड तैयार कराई। इस फर्जी कागज को आधार बनाकर फुलवारीशरीफ अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज वाद संख्या 10968/2024-25 में जमीन अपने नाम दर्ज करा ली गई। अंचल कार्यालय ने बिना गहराई से सत्यापन किए जमाबंदी भी कर दी। यानी कागज पर जमीन का मालिक बदल गया।
शिकायत के बाद खुली परतें
जब मामला जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के संज्ञान में आया, तो उन्होंने उच्च पदाधिकारियों से विस्तृत जांच कराई। जांच में सामने आया कि प्रस्तुत सेल डीड पूरी तरह फर्जी थी। दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर सरकारी रिकॉर्ड के साथ गंभीर खिलवाड़ किया गया था। रिपोर्ट मिलते ही डीएम ने त्वरित और कड़ा एक्शन लिया।
डीएम का सख्त एक्शन
इसके बाद फर्जी जमाबंदी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई। आरोपित भू-माफिया के खिलाफ परसा बाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। राजस्वकर्मी सोनू कुमार की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया। उनके विरुद्ध ‘प्रपत्र क’ गठित कर विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दस्तावेजों से छेड़छाड़ गंभीर अपराध है और इसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब अंचल कार्यालयों पर कड़ी नजर
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन ने राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सभी अंचल कार्यालयों में हाई-एंड सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि हर गतिविधि की निगरानी हो सके। डीएम ने चेतावनी दी है कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी अंचल कार्यालय में दलाल या मुंशी पाए गए, तो उनके खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। किसी सरकारी कर्मी की संलिप्तता पाई गई तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई तय है।
माफिया के खिलाफ व्यापक अभियान
डीएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को भू-माफिया, शराब माफिया और बालू माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।भूमि विवादों के समाधान के लिए सूक्ष्म स्तर पर निगरानी, विवादित जमीन की हिस्ट्री शीट तैयार करने, प्राथमिक सूचना के विश्लेषण और योजनाबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सख्ती का साफ संदेश
फुलवारीशरीफ का यह मामला केवल एक फर्जी जमाबंदी रद्द होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासन की उस नीति का संकेत है जिसमें अब लापरवाही या मिलीभगत की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। उपमुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक की सख्ती के बावजूद यदि कोई भू-माफिया सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने की कोशिश करेगा, तो उसे सीधे कानून का सामना करना पड़ेगा। यह कार्रवाई साफ बताती है कि अब जमीन के खेल में फर्जी कागजों के सहारे बाजी मारना आसान नहीं होगा। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है—जमीन हड़पने की साजिश रची तो सीधा मुकदमा, निलंबन और जेल की राह तय है।