ब्रेकिंग
‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचे सिद्धार्थ मल्होत्रा-तमन्ना भाटिया, CM सम्राट चौधरी से की मुलाकातनिजी क्लीनिक की बड़ी लापरवाही: गर्भ में मृत बच्चे को बाहर निकालने के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामाबेतिया राज की 6 एकड़ जमीन की हेराफेरी: रजिस्टर-2 में फर्जीवाड़ा कर बना डाली फर्जी जमाबंदी, अब जांच का आदेशबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत में‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचे सिद्धार्थ मल्होत्रा-तमन्ना भाटिया, CM सम्राट चौधरी से की मुलाकातनिजी क्लीनिक की बड़ी लापरवाही: गर्भ में मृत बच्चे को बाहर निकालने के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामाबेतिया राज की 6 एकड़ जमीन की हेराफेरी: रजिस्टर-2 में फर्जीवाड़ा कर बना डाली फर्जी जमाबंदी, अब जांच का आदेशबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत में

Patna Property Tax : नया प्रॉपर्टी टैक्स नियम: होटल, जिम और निजी अस्पताल पर दोगुना टैक्स, कोचिंग और स्कूल पर भी पड़ेगा असर

पटना नगर निगम ने गैर आवासीय संपत्तियों के लिए नया प्रॉपर्टी टैक्स लागू किया। होटल, जिम, निजी अस्पताल पर दोगुना और कोचिंग, स्कूल पर 1.5 गुणांक टैक्स लगेगा।

Patna Property Tax : नया प्रॉपर्टी टैक्स नियम: होटल, जिम और निजी अस्पताल पर दोगुना टैक्स, कोचिंग और स्कूल पर भी पड़ेगा असर
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

Patna Property Tax : पटना नगर निगम ने शहर की गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए प्रॉपर्टी टैक्स में बड़े बदलाव की घोषणा की है। यह नई अधिसूचना बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत जारी की गई है। नगर निगम का उद्देश्य कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और न्यायसंगत बनाना है, साथ ही शहरी राजस्व सुधार को मजबूत करना भी है।


नई टैक्स व्यवस्था के तहत विभिन्न संपत्तियों के लिए कर दरें उनके उपयोग और गतिविधियों के आधार पर तय की गई हैं। सबसे प्रमुख बदलाव यह है कि अब होटल, जिम, हेल्थ क्लब, क्लब, विवाह भवन, निजी अस्पताल, बैंक, बीमा कंपनियां और बड़े गोदामों पर कर गुणांक 2 तय किया गया है। इसका अर्थ है कि इन संपत्तियों पर पहले की तुलना में दोगुना प्रॉपर्टी टैक्स देना होगा। नगर निगम के अनुसार, अधिक व्यवसायिक गतिविधियों वाली संपत्तियों से अधिक राजस्व जुटाना तर्कसंगत है।


शोरूम, शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, रेस्तरां और मध्यम आकार के गोदामों (1 से 3 हजार वर्ग फुट तक) पर 1.5 गुणांक लागू होगा। इसी तरह कोचिंग संस्थान, गाइडेंस सेंटर, ट्रेनिंग संस्थान और उनके छात्रावास, नर्सिंग होम, क्लिनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर और निजी स्कूल, कॉलेज तथा शोध संस्थानों पर भी 1.5 गुणांक तय किया गया है।


गैर-व्यावसायिक सरकारी कार्यालयों पर कर गुणांक 1 रखा गया है, जबकि धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थानों को पूरी तरह टैक्स से मुक्त रखा गया है। नगर निगम का मानना है कि यह नई टैक्स संरचना व्यवसायिक और शैक्षणिक संपत्तियों के अनुसार न्यायसंगत है और शहर के राजस्व में वृद्धि करेगी।


विशेष रूप से, इस नई टैक्स व्यवस्था से नगर निगम को शहर के विकास और बुनियादी सुविधाओं में निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह बदलाव सभी गैर-आवासीय संपत्तियों पर समान रूप से लागू होगा और कर संग्रह प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाएगा।


शहर के व्यापारियों और संस्थाओं के लिए यह बदलाव शुरुआती दौर में चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन निगम का उद्देश्य केवल अधिक कर वसूलना नहीं बल्कि कर प्रणाली को सुव्यवस्थित और स्पष्ट बनाना है। नए नियमों के तहत कर देने वाले व्यवसायों को अपने खर्च और वित्तीय योजना में संशोधन करना होगा ताकि दोगुना या 1.5 गुणांक वाले कर का भार आसानी से संभाला जा सके।


इस नई टैक्स नीति से पटना नगर निगम को सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य शहरी सुविधाओं में निवेश बढ़ाने का मौका मिलेगा। साथ ही यह कदम करदाता और निगम के बीच विश्वास और पारदर्शिता को भी मजबूत करेगा। इस प्रकार, पटना में व्यवसायिक और शैक्षणिक संस्थाओं के लिए प्रॉपर्टी टैक्स में वृद्धि का नया नियम लागू हो गया है, जो शहर के आर्थिक और शहरी विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।