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BIHAR NEWS : पटना के निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, 30 जून तक वेबसाइट अपडेट नहीं की यह जानकारी तो होगी कार्रवाई!

पटना के निजी स्कूलों के लिए बड़ा आदेश! 30 जून तक वेबसाइट पर शिक्षकों, फीस, छात्र संख्या और परिवहन की पूरी जानकारी देनी होगी। जुलाई में चलेगा विशेष जांच अभियान।

BIHAR NEWS : पटना के निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, 30 जून तक वेबसाइट अपडेट नहीं की यह जानकारी तो होगी कार्रवाई!
Tejpratap
Tejpratap
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BIHAR NEWS : पटना के निजी स्कूलों को अब अपनी पूरी शैक्षणिक और प्रशासनिक जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी निजी विद्यालयों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे 30 जून तक शिक्षा विभाग के पोर्टल और अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सभी अनिवार्य जानकारियां अपडेट करें। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल अभिभावकों और छात्रों को आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।


जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार कई स्कूलों की वेबसाइट पर शिक्षकों की संख्या, उनकी शैक्षणिक योग्यता, स्कूल की आधारभूत सुविधाएं, छात्र संख्या और अन्य जरूरी जानकारियां उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में अभिभावकों को स्कूल की वास्तविक स्थिति जानने में कठिनाई होती है। इसे देखते हुए सभी निजी विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी वेबसाइट को अपडेट करें और सभी अनिवार्य सूचनाएं सार्वजनिक करें।


निर्देश के तहत निजी स्कूलों को विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों की कुल संख्या, उनकी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता, स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या तथा प्रत्येक कक्षा में छात्रों और शिक्षकों के अनुपात की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। इसके अलावा स्कूलों को निर्धारित शिक्षण शुल्क, विभिन्न मदों में लिए जाने वाले शुल्क और अन्य वित्तीय जानकारियों को भी सार्वजनिक करना होगा ताकि अभिभावकों को शुल्क संरचना की स्पष्ट जानकारी मिल सके।


शिक्षा विभाग ने परिवहन व्यवस्था से जुड़ी जानकारी साझा करना भी अनिवार्य किया है। स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर यह बताना होगा कि उनके पास कितनी वैन, मिनी बस और बड़ी बसें संचालित हैं। साथ ही इन वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन संबंधी विवरण भी उपलब्ध कराना होगा। इसके अतिरिक्त विद्यालयों को संबंधित शिक्षा बोर्ड से प्राप्त मान्यता, उसकी वैधता और उससे जुड़े नवीनतम अपडेट भी वेबसाइट पर प्रदर्शित करने होंगे।


जिला शिक्षा कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि 30 जून तक निर्देशों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। विभागीय अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों की पहचान कर आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।


इधर निजी स्कूलों की निगरानी को लेकर जिला प्रशासन ने जुलाई माह में विशेष जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह अभियान 1 जुलाई से 31 जुलाई तक पूरे जिले में संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) और बिहार राज्य के बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली के तहत स्कूलों में नियमों के पालन की विस्तृत जांच की जाएगी।


जांच अभियान के दौरान स्कूलों में नामांकित विद्यार्थियों के आधार और अपार (APAAR) विवरण की भी गहन जांच होगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि छात्रों का रिकॉर्ड पूरी तरह अद्यतन और सत्यापित हो। इसके लिए जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।


शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से निजी विद्यालयों में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभिभावकों को बच्चों के स्कूल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही नियमों का पालन सुनिश्चित होने से शिक्षा व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह तथा व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। जिला प्रशासन ने सभी निजी विद्यालयों से समय सीमा के भीतर आवश्यक जानकारी अपलोड करने और जांच अभियान में सहयोग करने की अपील की है।