1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 01, 2026, 4:10:13 PM
पुलिस की कार्रवाई - फ़ोटो REPORTER
PATNA: जब किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम हो जाता है, तो वह सिर्फ एक डिवाइस नहीं खोता, बल्कि उससे जुड़ी यादें, जरूरी दस्तावेज और रोजमर्रा की ज़िंदगी भी प्रभावित हो जाती है। ऐसे में पटना पुलिस की ऑपरेशन मुस्कान आम लोगों के लिए उम्मीद की एक मजबूत किरण बनकर सामने आई है।
नए साल के पहले ही दिन, 01 जनवरी 2026 को पटना पुलिस ने यह साबित कर दिया कि तकनीक और संवेदनशील पुलिसिंग मिलकर जनता की परेशानियों का समाधान कर सकती है। नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), पटना के निर्देशन में और सहायक पुलिस अधीक्षक (सदर-01) अभिनव कुमार के नेतृत्व में पूर्वी क्षेत्र से गुम और चोरी हुए कुल 33 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इन मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत लगभग 6.5 लाख रुपये बताई जा रही है।
इस अभियान की खास बात यह रही कि मोबाइलों की बरामदगी पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि पटना पुलिस समय के साथ खुद को आधुनिक बना रही है और अपराध नियंत्रण के लिए स्मार्ट और तकनीकी तरीकों को अपना रही है।
मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान जब बरामद किए गए फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए, तो माहौल भावुक हो गया। कई लोगों के लिए यह सिर्फ मोबाइल वापस मिलने की खुशी नहीं थी, बल्कि महीनों की चिंता और परेशानी से राहत का पल था।
इस मौके पर आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्री परिचय कुमार ने कहा कि ऑपरेशन मुस्कान का उद्देश्य केवल खोए हुए मोबाइलों की बरामदगी नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करना भी है। ऑपरेशन मुस्कान यह संदेश देता है कि यदि नागरिक पुलिस पर भरोसा करें और पुलिस तकनीक का सही उपयोग करे, तो न सिर्फ खोई हुई चीज़ें, बल्कि जनता का भरोसा भी वापस लाया जा सकता है।
पटना से सूरज की रिपोर्ट

