Patna NEET student case : मनीष रंजन की बेल पर आज कोर्ट में सुनवाई, CBI को देना पड़ सकता है इन सवालों का जवाब

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में जांच जारी है। मनीष रंजन की बेल पर सोमवार सुनवाई, CBI से पूछा जाएगा पॉक्सो एक्ट क्यों नहीं लगाया। पूरी अपडेट पढ़ें।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 02, 2026, 8:21:02 AM

Patna NEET student case : मनीष रंजन की बेल पर आज कोर्ट में सुनवाई, CBI को देना पड़ सकता है इन सवालों का जवाब

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Patna NEET student case : पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में जांच अभी भी जारी है। इस मामले में हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन की बेल पर आज (सोमवार) कोर्ट में सुनवाई होगी। अब तक कोर्ट ने मनीष रंजन को जमानत नहीं दी है। इससे पहले शनिवार को भी सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई थी, लेकिन उस दौरान उसकी जमानत खारिज कर दी गई थी।


शनिवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाई और कई तीखे सवाल किए। लगभग ढाई घंटे की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह पूछा कि जब मामला इतना गंभीर है, तो POCSO एक्ट क्यों नहीं लगाया गया। दरअसल, सीबीआई ने 12 फरवरी को मनीष रंजन के खिलाफ धारा 307 आईपीसी (हत्या के प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया था। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि 15 दिन की जांच में मनीष रंजन के खिलाफ कौन-कौन से सबूत जुटाए गए और क्या अब भी उसकी हिरासत जांच के लिए जरूरी है।


कोर्ट ने सीबीआई से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि अगर केवल अटेम्प्ट टू मर्डर का केस है, तो हिरासत में रखने की आवश्यकता क्यों है। ऐसे में आज की सुनवाई में सीबीआई को यह जवाब देना पड़ सकता है कि आखिरकार पॉक्सो एक्ट क्यों नहीं लगाया गया।


17 जनवरी तक इस मामले की प्रारंभिक जांच चित्रगुप्त नगर थाने की तत्कालीन प्रभारी रौशनी कुमारी कर रही थीं। बाद में जांच को SIT (Special Investigation Team) को सौंपा गया। कोर्ट ने रौशनी से यह भी पूछा कि मनीष रंजन पर क्या आरोप हैं, कौन-कौन से सबूत जब्त किए गए और ये सबूत 24 घंटे के भीतर कोर्ट में क्यों नहीं पेश किए गए।


संबंधित अधिकारियों से पूछताछ के दौरान SIT ने यह बताया कि फिलहाल मनीष रंजन की हिरासत जरूरी नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह केस संवेदनशील और गंभीर प्रकृति का है, इसलिए जांच में समय और पूर्णता महत्वपूर्ण है।


इससे पहले प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल की महिला स्टाफ रितु कुमारी से भी सीबीआई ने पूछताछ की थी। महिला स्टाफ ने बताया कि नीट की तैयारी कर रही छात्रा के कंधे, कुहनी और शरीर के अन्य हिस्सों पर खरोंच के निशान थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने सीबीआई को पूरी जानकारी दी और आगे भी सहयोग करती रहेंगी। रितु कुमारी ने स्पष्ट किया कि अब यह जांच एजेंसी की जिम्मेदारी है कि सच सामने लाए।


पिछले कुछ दिनों में केस की जांच में कई पहलुओं को खंगाला गया है। हॉस्टल के अन्य कर्मचारियों और छात्रों से भी पूछताछ की गई। कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ हो।


गौरतलब हो कि, इस तरह के मामले में पीड़ित की सुरक्षा और जांच की निष्पक्षता सर्वोपरि होती है। कोर्ट की सतर्कता और सीबीआई की गहन जांच से यह उम्मीद है कि जल्द ही न्याय प्रक्रिया पूरी होगी।पटना में यह मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग चाहते हैं कि जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। आज की सुनवाई में मनीष रंजन की बेल पर फैसला आने की उम्मीद है, जो मामले की दिशा तय करेगा।