Patna Municipal Corporation : पटना में खुले में थूकने वालों पर सख्ती, 500 रुपये जुर्माना और ‘नगर शत्रु’ के रूप में होगी पहचान

पटना नगर निगम ने राजधानी को स्वच्छ और नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए खुले में थूकने वालों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत सार्वजनिक स्थलों पर थूकने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और दोषियों की तस्वीरें वीएमडी स्क्रीन पर “नगर शत्

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 06 Jan 2026 07:41:31 AM IST

Patna Municipal Corporation : पटना में खुले में थूकने वालों पर सख्ती, 500 रुपये जुर्माना और ‘नगर शत्रु’ के रूप में होगी पहचान

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Patna Municipal Corporation : पटना नगर निगम ने राजधानी को स्वच्छ, सुंदर और नागरिकों के लिए बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सार्वजनिक स्थलों पर पान, गुटखा या अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन कर खुले में थूकने वालों के खिलाफ अब प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत ऐसे लोगों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उनकी तस्वीरें शहर में लगी वैरिएबल मैसेज डिस्प्ले (वीएमडी) स्क्रीन पर “नगर शत्रु” के रूप में प्रसारित की जाएंगी। नगर निगम का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल गंदगी पर अंकुश लगेगा, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति डर और जिम्मेदारी दोनों पैदा होगी।


यह विशेष अभियान नगर आयुक्त सह पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक यशपाल मीणा के निर्देश पर शुरू किया गया है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, खुले में थूकने की आदत शहर की स्वच्छता और सौंदर्य को तो नुकसान पहुंचा ही रही है, साथ ही यह जनस्वास्थ्य के लिए भी एक गंभीर खतरा बनती जा रही है। थूक के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका रहती है, जिससे खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों का स्वास्थ्य जोखिम में पड़ सकता है।


पटना के कई चौक-चौराहों, फ्लाइओवरों, मुख्य सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर खुले में थूकने की वजह से इलाके धीरे-धीरे ‘रेड स्पॉट’ बनते जा रहे हैं। नगर निगम का कहना है कि यदि समय रहते इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगाई गई, तो स्वच्छ सर्वेक्षण के साथ-साथ शहर की छवि भी खराब होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए अब केवल अपील नहीं, बल्कि दंडात्मक कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।


नगर निगम ने तकनीक का सहारा लेते हुए शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों का उपयोग तेज कर दिया है। वर्तमान में पटना के 415 स्थानों पर लगभग 3300 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जुड़े हुए हैं। इन कैमरों के जरिए पूरे शहर की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। नगर आयुक्त ने आईसीसीसी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि खुले में थूकने या सार्वजनिक स्थानों को गंदा करने वालों की पहचान कर उनकी तस्वीरें वीएमडी स्क्रीन पर प्रदर्शित की जाएं, ताकि दूसरों को भी सबक मिले।


सिर्फ थूकने वालों पर ही नहीं, बल्कि खुले में पेशाब करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नगर निगम की प्रवर्तन टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर ही ऐसे लोगों से जुर्माना वसूलें। इससे यह संदेश जाएगा कि नियम तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


इस अभियान का असर दिखना भी शुरू हो गया है। मल्टी मॉडल हब से पटना जंक्शन को जोड़ने वाली भूमिगत सब-वे में अब तक करीब 250 लोगों से खुले में थूकने के मामलों में जुर्माना वसूला जा चुका है। नगर निगम का दावा है कि इस तरह की सख्ती से लोगों की आदतों में धीरे-धीरे बदलाव आएगा और सार्वजनिक स्थलों की स्थिति में सुधार होगा।


नगर निगम का मानना है कि यह पहल न केवल पटना की स्वच्छता को बेहतर बनाएगी, बल्कि स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग सुधारने में भी मददगार साबित होगी। अधिकारियों के अनुसार, स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।


इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने लोगों से सहयोग की अपील की है। यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थल पर गंदगी फैलाता हुआ दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत टॉल फ्री नंबर 155304 पर देने का आग्रह किया गया है। नगर निगम का कहना है कि जनसहयोग से ही एक स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ पटना का निर्माण संभव है, जहां नियमों का पालन करना हर नागरिक की आदत बन सके।