1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Thu, 15 Jan 2026 12:24:48 PM IST
प्रतिकात्मक - फ़ोटो AI
Patna News: पटना नगर निगम ने राजधानी को आग लगने की घटनाओं से अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में शहर के विभिन्न इलाकों में 11 फायर हाइड्रेट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह योजना आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से लागू की जाएगी।
नगर निगम के अनुसार, एक फायर हाइड्रेट की स्थापना पर करीब 11 लाख 23 हजार रुपये खर्च होंगे। इस तरह पूरी परियोजना पर लगभग 1.23 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसका मुख्य उद्देश्य आग लगने की स्थिति में दमकल वाहनों को तुरंत और पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराना है, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके।
फायर हाइड्रेट एक विशेष उपकरण होता है, जो सीधे मुख्य जलापूर्ति लाइन से जुड़ा रहता है। आग लगते ही अग्निशमन कर्मी इसके माध्यम से तुरंत भारी मात्रा में पानी प्राप्त कर सकते हैं। अभी तक कई इलाकों में पानी की कमी के कारण आग बुझाने में देरी होती रही है, लेकिन फायर हाइड्रेट लगने के बाद यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
सबसे अधिक छह फायर हाइड्रेट कंकड़बाग अंचल में लगाए जाएंगे। इनमें वार्ड 29 का क्षेत्र, वार्ड 35 में विकलांग अस्पताल के पास स्थित स्लम एरिया, वार्ड 34 में टेम्पो स्टैंड और पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के आसपास का इलाका, वार्ड 44 में मलाही पकड़ी चौक के पास पार्क के बगल तथा वार्ड 46 में बहादुरपुर सेक्टर-7 का स्लम एरिया शामिल है। ये सभी क्षेत्र घनी आबादी वाले हैं, जहां आग लगने की स्थिति में नुकसान की आशंका अधिक रहती है।
बांकीपुर अंचल में तीन स्थानों को फायर हाइड्रेट के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें वार्ड 47 में बाजार समिति रोड पर सैदपुर हॉस्टल के सामने की स्लम बस्ती, लोहानीपुर की आंबेडकर कॉलोनी और काजीपुर रोड नंबर-2 पर अवर सचिव के आवासीय परिसर के पास का क्षेत्र शामिल है।
नूतन राजधानी अंचल में दो स्थानों पर फायर हाइड्रेट लगाए जाएंगे। इनमें नेहरू नगर टैक्स भवन कार्यालय रोड के पास की स्लम बस्ती और अदालतगंज-अमरनाथ रोड के बीच सीपीआई क्वार्टर के पास स्थित खाली जमीन शामिल है। इसके अलावा जक्कनपुर थाना रोड पर आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय और चाणक्य नेशनल यूनिवर्सिटी के बीच भी एक फायर हाइड्रेट स्थापित किया जाएगा, जिससे शैक्षणिक परिसरों और आसपास के रिहायशी इलाकों की सुरक्षा और मजबूत होगी।
बता दें कि आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से पूरे शहर को अग्नि सुरक्षा के मजबूत ढांचे से लैस किया जा रहा है। महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर फायर हाइड्रेट लगाए जाने से आग लगने की घटनाओं में जान-माल की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। यह पटना को एक सुरक्षित और आपदा-संवेदनशील शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।