1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 07, 2025, 6:06:58 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar News : मोकामा के दरियापुर गांव में रविवार को गंगा नदी में नहाते समय बड़ा हादसा हो गया, पांच युवक डूब गए। इनमें से तीन की जान चली गई, जबकि दो को ग्रामीणों ने किसी तरह बचा लिया। यह सभी युवक एक ही परिवार के सदस्य थे और एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गांव लौटे थे। इस हादसे ने खुशियों को गम में बदल दिया और पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया।
मृतकों की पहचान मोहम्मद मेराज, मोहम्मद इब्राहीम और मोहम्मद अमीर के रूप में हुई है। ये सभी बाहर काम करते थे और खासतौर पर शादी के लिए गांव आए थे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, गांव में हर कोई इस दुखद घटना से स्तब्ध है। स्थानीय गोताखोरों ने निकाले शव, SDRF की गैरमौजूदगी पर गुस्सा हादसे के बाद स्थानीय गोताखोरों ने तीनों के शव गंगा से बाहर निकाले। लेकिन लोगों में नाराजगी है कि इतनी संवेदनशील जगह पर अब तक SDRF की स्थायी तैनाती नहीं हुई है। हर बार बेगूसराय से टीम बुलानी पड़ती है, जो अक्सर देर से पहुंचती है और तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
अवैध बालू खनन बना हादसों की बड़ी वजह
ग्रामीणों का कहना है कि गंगा में लगातार अवैध बालू खनन की वजह से गहराई वाले खतरनाक गड्ढे बन गए हैं, जो बाहर से नजर नहीं आते। नहाने वाले लोग अचानक इन गड्ढों में फंस जाते हैं, जिससे डूबने का खतरा बढ़ जाता है।ऐसे में लोकल लोगों में व्यापक आक्रोश देखा जा रहा है |
एक साल में 36 से ज्यादा मौतें, फिर भी प्रशासन खामोश
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मोकामा इलाके में पिछले एक साल में 36 से ज्यादा लोग डूबकर जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हर बार हादसे के बाद सिर्फ कागज़ी खानापूर्ति होती है, जबकि असल हालात अब भी जस के तस हैं। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए गहरा सदमा है। साथ ही यह सवाल भी उठाता है कि प्रशासन कब तक ऐसी घटनाओं से आंखें मूंदे रहेगा?