1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 05 Jan 2026 09:23:53 AM IST
- फ़ोटो
Patna Mauryalok Complex dues : पटना स्थित मशहूर मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स में नगर निगम ने लंबे समय से बकाया रखरखाव चार्ज और ग्राउंड रेंट न चुकाने वाले दुकानदारों और कार्यालयों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। रविवार को हुई समीक्षा बैठक में यह तथ्य सामने आया कि कॉम्प्लेक्स के कुल 278 दुकानों और कार्यालयों पर लगभग 3 करोड़ 66 लाख 15 हजार 4 रुपये का बकाया जमा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना नगर निगम ने संबंधित बकायेदारों को नोटिस जारी किया है और सात दिनों के भीतर बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
नगर निगम के अनुसार, बकायेदार अपनी राशि ऑनलाइन निगम की वेबसाइट के माध्यम से या सीधे कार्यालय में जाकर जमा कर सकते हैं। नोटिस में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयावधि में भुगतान न करने की स्थिति में निगम किसी भी समय बिजली और जलापूर्ति कनेक्शन काटने का अधिकार सुरक्षित रखता है। इस कार्रवाई के संबंध में कोई पूर्व सूचना नहीं दी जाएगी और बकायेदारों को किसी भी परिस्थिति में राहत नहीं दी जाएगी।
इसके अलावा, नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने पर बकायेदारों के खिलाफ विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने सभी संबंधित दुकानदारों और कार्यालय स्वामियों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर बकाया राशि का भुगतान कर अनावश्यक कार्रवाई से बचें।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि नगर निगम की अपनी जन्म-मृत्यु शाखा भी मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स में आवंटित कार्यालय का मेंटेनेंस और ग्राउंड रेंट भुगतान नहीं कर रही है। रिकॉर्ड के अनुसार जन्म-मृत्यु शाखा पर लगभग 4.46 लाख रुपये का बकाया है। इसके अलावा, कुछ सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों ने भी भुगतान नहीं किया है। इनमें प्रमुख रूप से बिहार राज्य सेवा संघ, बिहार काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, नाबार्ड, हुडको और पासपोर्ट कार्यालय शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, बैंकिंग संस्थानों पर भी लाखों रुपये का बकाया है। नगर निगम ने कुल 270 दुकानों और 39 कार्यालयों की ओर से लंबित बकाया राशि का विवरण सार्वजनिक किया है। यह कार्रवाई नगर निगम की राजस्व सुरक्षा और नगर सेवाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स जैसे व्यस्त और महत्वपूर्ण व्यावसायिक स्थल पर नियमित रखरखाव और ग्राउंड रेंट का समय पर भुगतान करना आवश्यक है। लंबे समय तक बकाया जमा न होने की स्थिति में न केवल निगम की आय प्रभावित होती है, बल्कि नगर सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए निगम ने बकायेदारों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
नगर निगम ने यह भी साफ किया है कि नोटिस जारी होने के साथ ही बकाया राशि का भुगतान अनिवार्य है और इसके लिए कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा। भुगतान नहीं करने की स्थिति में कनेक्शन काटने, कानूनी नोटिस भेजने और प्रशासनिक कार्रवाई करने का अधिकार निगम सुरक्षित रखता है।
नगर निगम की अपील है कि सभी दुकानदार और कार्यालय स्वामी अपने बकाया की सूची को ध्यान में रखते हुए शीघ्र भुगतान करें और अनावश्यक परेशानियों से बचें। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम केवल निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए नहीं बल्कि कॉम्प्लेक्स में सभी सेवाओं और सुविधाओं के सुचारू संचालन को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।