Patna Manhole Cleaning: पटना में मैनहोल और नालों की सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. सफाईकर्मियों को मैनहोल के अंदर उतारे बिना अब रोबोटिक रोवर की मदद से सफाई कराई जाएगी. पटना नगर निगम ने इसके लिए 12 रोबोटिक रोवर खरीदने की स्वीकृति दी है. इन मशीनों को राजधानी के छह अंचलों में दो-दो की संख्या में उपलब्ध कराया जाएगा.
नगर निगम के अनुसार, रोबोटिक रोवर वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल दोनों तरह के मैनहोल के साथ-साथ स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज और नालों की सफाई करने में सक्षम होंगे. मशीनों को हल्के व्यावसायिक वाहन यानी एलएमवी पर लगाया जाएगा. इनके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था भी संबंधित स्तर पर की जाएगी.
नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति ने 12 रोबोटिक रोवर खरीदने को मंजूरी दी है. हर साल मानसून से पहले मैनहोल, नालों और जलनिकासी से जुड़ी अन्य संरचनाओं की सफाई कराई जाती है. अभी कई जगहों पर यह काम मैनुअल तरीके से कराया जाता है, जिसमें सफाईकर्मियों को मैनहोल के अंदर उतरना पड़ता है. इससे सफाई में समय अधिक लगता है और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी जोखिम बना रहता है.
कचरा और गाद जमा होने पर बढ़ती है परेशानी
मैनहोल और स्टॉर्म वाटर ड्रेन में कई बार बड़ी मात्रा में कचरा, गाद और दूसरी सामग्री जमा हो जाती है. इसके कारण जलनिकासी व्यवस्था बाधित हो जाती है और बारिश के दौरान कई इलाकों में जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है.
ऐसी जगहों पर मैनुअल सफाई करना मुश्किल होने के साथ जोखिम भरा भी होता है. रोबोटिक रोवर के इस्तेमाल से सफाईकर्मी को मैनहोल के अंदर उतारे बिना जमा कचरे और गाद को हटाने की सुविधा मिलेगी. नगर निगम को उम्मीद है कि इससे सफाई प्रक्रिया में लगने वाला समय भी कम होगा.
जरूरत के अनुसार रोबोटिक रोवर को अलग-अलग इलाकों में भेजकर मैनहोल, नालों और ड्रेनेज की सफाई कराई जा सकेगी. खासकर मानसून के दौरान जलजमाव वाले क्षेत्रों में बंद नालों और ड्रेनेज की सफाई में इन मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा.
पटना में 53,606 मैनहोल और 41,594 कैचपिट
पटना नगर निगम क्षेत्र में कुल 53,606 मैनहोल और 41,594 कैचपिट चिह्नित किए गए हैं. नगर निगम ने इन सभी का जीआईएस टैगिंग के माध्यम से डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया है.
जीआईएस टैगिंग के बाद मैनहोल और कैचपिट की लोकेशन डिजिटल माध्यम से आसानी से देखी जा सकेगी. इससे इनकी सफाई, निगरानी, रखरखाव और मरम्मत का काम व्यवस्थित तरीके से करने में मदद मिलेगी.
छह अंचलों में इस तरह हैं मैनहोल और कैचपिट
नूतन राजधानी अंचल में 8,811 मैनहोल और 8,737 कैचपिट हैं. पाटलिपुत्र अंचल में 14,237 मैनहोल और 11,714 कैचपिट चिह्नित किए गए हैं.
बांकीपुर अंचल में 11,560 मैनहोल और 7,367 कैचपिट हैं, जबकि कंकड़बाग अंचल में 17,424 मैनहोल और 10,349 कैचपिट मौजूद हैं.
पटना सिटी अंचल में 357 मैनहोल और 1,698 कैचपिट तथा अजीमाबाद अंचल में 1,217 मैनहोल और 1,729 कैचपिट चिह्नित किए गए हैं.
मानवाधिकार आयोग की टीम ने भी किया था निरीक्षण
पटना में मैनहोल की मैनुअल सफाई के दौरान सफाईकर्मियों की सुरक्षा को लेकर 20 जुलाई को मानवाधिकार आयोग की टीम ने भी निरीक्षण किया था. टीम ने मैनहोल में उतरकर सफाई करने की व्यवस्था और इससे जुड़े जोखिमों का जायजा लिया था.
मैनुअल सफाई के दौरान सफाईकर्मियों को गंदगी और जहरीली गैसों के संपर्क में आने का खतरा रहता है. ऐसे में नगर निगम की ओर से रोबोटिक मशीनों के इस्तेमाल को सफाई व्यवस्था को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.





