ब्रेकिंग
EO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरल

पटना की दवा मंडी में फर्जीवाड़ा : बिना लाइसेंस फिजिशियन सैंपल की चल रही थी दुकान, तीन लाख की दवा जब्त

PATNA : पटना की दवा मंडी गोविंद मित्रा रोड के बाबू टोला लेन स्थित तीन दुकानों में छापेमारी की गई। यहां से काफी मात्रा में विभिन्न कंपनियों की करीब 80 प्रकार की विभिन्न दवाएं,

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

PATNA : पटना की दवा मंडी गोविंद मित्रा रोड के बाबू टोला लेन स्थित तीन दुकानों में छापेमारी की गई। यहां से काफी मात्रा में विभिन्न कंपनियों की करीब 80 प्रकार की विभिन्न दवाएं, जेल और क्रीम जब्त की गई और इनका सैंपल जांच के लिए लिया गया है।  विभिन्न कंपनियों का फिजिशियन सैंपल यहां से जब्त किया गया है।तीन लाख से अधिक की दवाएं जब्त की गई हैं।


80 से 90 प्रकार की फिजिशियन सैंपल जब्त किया गया है। इसमें अधिकांश बड़ी कंपनियों की बनी हुई है। इसमें हर प्रकार की दवाएं हैं। टैबलेट से लेकर जेल भी बरामद की गई। दवाओं का सैंपल भी लिया गया है जिससे उसकी जांच कराई जा सके।


जितनी भी दवाएं इस दुकान मिली उसमें अधिकांश गिफ्टेड आइटम हैं। किसी पर कीमत नहीं है। वैसे भी फिजिशियन सैंपल में कीमत नहीं लिखा रहता है। दवाओं की कीमत नहीं रहने से सही कीमत आंकना भी मुश्किल है। फिर भी अनुमान के तौर तीन लाख से अधिक की दवाएं जब्त की गई है।


छापेमारी के दौरान पाया गया  कि दुकानदार के पास दवा बेचने का लाइसेंस भी नहीं है। बगैर लाइसेंस की ही दुकान चल रहा है। दुकान मालिक ने छापेमारी दल को बताया कि दवा कंपनियों के कर्मचारी से दवा खरीदता है या वे ही लोग आकर दवा बेचते थे। इसमें मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव भी होते हैं।इस मामले में पीरबहोर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।


टैग्स