ब्रेकिंग
राजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति खेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचाराजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति खेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचा

बिहार में पुलिस और राजनेताओं का गठजोड़: पटना हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, 10 साल पुरान अपहरण के केस के हाल से कोर्ट भी हैरान

PATNA : बिहार में दस साल पहले दर्ज कराये गये अपहरण के एक मामले में न तो अपहृत का कोई सुराग मिलता है और न ही इस मामले का मुख्य आरोपी को पुलिस गिरफ्तार कर पायी. इस केस का आरोपी एक ने

बिहार में पुलिस और राजनेताओं का गठजोड़: पटना हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, 10 साल पुरान अपहरण के केस के हाल से कोर्ट भी हैरान
Editor
4 मिनट

PATNA : बिहार में दस साल पहले दर्ज कराये गये अपहरण के एक मामले में न तो अपहृत का कोई सुराग मिलता है और न ही इस मामले का मुख्य आरोपी को पुलिस गिरफ्तार कर पायी. इस केस का आरोपी एक नेता है जो हत्याकांड, हत्या का प्रयास,  चोरी और सरकारी फंड का गबन जैसे आधा दर्जन गंभीर मामलों का आऱोपी है. पुलिस ने अभियुक्त को दस साल तक गिरफ्तार नहीं किया. नाराज हाईकोर्ट ने जब गुरूवार को जिले के एसपी को तलब किया तो रातो रात अभियुक्त ने सरेंडर कर दिया. नाराज हाईकोर्ट ने कहा कि ये "पुलिस और राजनैतिक लोगों का गठजोड़ है. "


पुलिस के बजाये दूसरी एजेंसी से जांच कराने का आदेश

मामला सिवान का है.  सिवान के मंसूर आलम की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की एकलपीठ ने अपहरण के इस मामले की तहकीकात निगरानी ब्यूरो और आर्थिक अपराध इकाई से कराने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि दोनों जाँच एजेंसियों को केस में पार्टी बनाया जाये औऱ उन्हें सुनवाई की अगली तारीख पर मौजूद रहने को कहा जाये. 

सिवान का है मामला

मामला सिवान जिले का है. 10 साल पहले अपहरण का एक केस सिवान के बसंतपूर थाना मे अगस्त 2012 को दर्ज हुआ था. प्राथमिकी दर्ज होने के 10 साल बाद भी सिवान पुलिस न तो अपहृत बच्चे का कोई सुराग लगा पाई है और ना ही इस मामले के नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार कर पायी. इस केस का नामजद अभियुक्त एक स्थानीय नेता है. पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. इस मामले में पुलिस के रवैये को देखकर हाईकोर्ट हैरान रह गया. 


एसपी को बुलाया तो अभियुक्त ने सरेंडर कर दिया

इस मामले की सुनवाई 30 नवंबर को हुई थी. जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की बेंच ने 1 दिसंबर को सिवान के एसपी को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था. इसके बाद गुरुवार को सीवान एसपी ने कोर्ट में पेशी दी और बताया कि इस मामले के नामजद आरोपी ने आत्म समर्पण कर दिया. नाराज कोर्ट ने पूछा कि इतने सालों से आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए दबिश क्यों नहीं बनाया गया? एसपी के पास कोई ठोस जवाब नहीं था. 

इस बीच याचिकाकर्ता  के बकील अजीत सिंह ने कोर्ट को बताया कि नामजद अभियुक्त स्थानीय नेता है. पुलिस ने उसे खुला घूमने की छूट दे दी रखी थी. जब हाई कोर्ट ने एसपी को तलब किया तब मुख्य अभियुक्त ने सरेंडर कर दिया. एडवोकेट अजीत सिंह ने कोर्ट को बताया कि इस अपहरण केस के नामजद अभियुक्त के खिलाफ सिवान के बसंतपूर् थाने में ही हत्या , चोरी और सरकारी राशि के गबन के कई केस दर्ज हैं. लेकिन पुलिस राजनीतिक छवि वाले अभियुक्त से मिली हुई है. उसके खिलाफ सरकारी नल जल योजना और बाढ़ राहत की राशि के गबन का भी मामला है लेकिन पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी नही की.

मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसे प्रथम दृष्ट्या पुलिस और राजेताओं का नेक्सस मानते हुए इन मामलों की जांच निगरानी ब्यूरो और दूसरी जांच एजेंसी से कराने का फैसला लिया है. इस मामले पर अगली सुनवाई 8 दिसम्बर को होगी उस दिन सीवान एसपी को भी कोर्ट में फिर  हाज़िर रहना होगा. कोर्ट ने निगरानी ब्यूरो औऱ आर्थिक अपराध इकाई को भी उस दिन तलब किया है.