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पटना हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी, बड़े अफसर का प्रमोशन हो जाता है, छोटे कर्मचारियों को गुहार लगानी पड़ती है

PATNA : हाईकोर्ट ने बिहार के बड़े अफसरों के कार्यकलापों पर तीखी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा कोर्ट को भुगतना पड़ता है. बेवजह कोर्ट में मुकदम

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PATNA : हाईकोर्ट ने बिहार के बड़े अफसरों के कार्यकलापों पर तीखी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा कोर्ट को भुगतना पड़ता है. बेवजह कोर्ट में मुकदमों बढ़ते जा रहे हैं. पटना उच्च न्यायालय ने कहा है कि सरकार के आला अधिकारियों की प्रोन्नति ससमय हो जाती है और वर्ग चार कर्मियों को अपने एसीपी लाभ लेने के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगानी पड़ती है.


समय पर नहीं मिल रहा छोटे कर्मचारियों को लाभ
मंगलवार को पटना हाई कोर्ट ने सरकार के बड़े अधिकारियों पर तल्ख़ टिपण्णी करते हुए कहा कि कानून के तहत समय पर कर्मियों को लाभ दिया जाता तो मुकदमों की संख्या इतनी नहीं होती. न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह की एकलपीठ ने सुमित्रा देवी की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह कड़ी टिप्पणी की है. कोर्ट को बताया गया कि वर्ग चार के कर्मियों को राज्य सरकार एसीपी और एमएसीपी का लाभ समय पर नहीं दे रही है.


आगामी सोमवार तक कोर्ट ने मंगा जवाब
पटना हाईकोर्ट ने सोमवार तक सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है कि राज्य के चतुर्थ वर्गीय कर्मियों को एसीपी और एमएसीपी का लाभ देने के लिए क्या कार्रवाई की गयी है. कोर्ट ने कहा कि बड़े अधिकारियों के मामले में सरकार तत्पर रहती है, लेकिन छोटे कर्मियों की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता है. कोर्ट का कहना था कि समय पर अगर कर्मचारियों को एसीपी और एमएसीपी का लाभ दिया जाता तो एक ही प्रकार का केस कोर्ट में दायर नहीं होता. कोर्ट ने सरकार को आगामी सोमवार तक जवाबी हलफनामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया है. 

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