Patna River Cruise : गंगा की लहरों पर फिर दौड़ा पटना का रो-पैक्स क्रूज, जानिए क्या है किराया और कैसे करा सकते हैं आप भी अपनी बुकिंग

पटना के दीघा घाट से मीनार घाट तक रो-पैक्स क्रूज सेवा फिर शुरू। 250 रुपये में 40 मिनट की गंगा सैर, निजी बुकिंग की भी सुविधा उपलब्ध।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 24 Feb 2026 08:05:16 AM IST

Patna River Cruise : गंगा की लहरों पर फिर दौड़ा पटना का रो-पैक्स क्रूज, जानिए क्या है किराया और कैसे करा सकते हैं आप भी अपनी बुकिंग

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Patna River Cruise : बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी पर सैर का रोमांच एक बार फिर लौट आया है। दीघा घाट से रो-पैक्स क्रूज का संचालन दोबारा शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। यह क्रूज दीघा घाट से मीनार घाट तक संचालित होता है और गंगा की शांत लहरों के बीच पटना शहर की खूबसूरती का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है। इसका संचालन Bihar State Tourism Development Corporation (बीएसटीडीसी) द्वारा किया जा रहा है।


क्रूज के इंचार्ज कैप्टन राहुल के अनुसार, फिलहाल इसका संचालन शाम के समय किया जा रहा है, ताकि यात्री सूर्यास्त के मनमोहक दृश्य का आनंद ले सकें। अभी इस सेवा की जानकारी आम लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाई है, इसलिए घाट पर यात्रियों की उपलब्धता के अनुसार ही क्रूज को रवाना किया जाता है। आने वाले दिनों में घाट पर कैंटीन और अन्य सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी, जिससे पर्यटकों को और बेहतर अनुभव मिल सके।


रो-पैक्स क्रूज पर सफर करने के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपये का टिकट निर्धारित किया गया है। इस शुल्क में लगभग 40 मिनट का आना-जाना शामिल है। क्रूज करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा की धारा पर आगे बढ़ता है, जिससे यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलता है। दीघा घाट से मीनार घाट तक के इस सफर में लोग गंगा के विस्तृत जलराशि, किनारों की हरियाली और शहर के विकसित होते रिवरफ्रंट का विहंगम दृश्य देख सकते हैं। शाम के समय बहती ठंडी हवा और ढलते सूरज की सुनहरी किरणें इस यात्रा को और भी यादगार बना देती हैं।


यह अत्याधुनिक जलयान ‘स्वामी परमहंस’ नाम से जाना जाता है। कुछ महीने पहले इसे मरम्मत और तकनीकी उन्नयन के लिए कोलकाता के ड्राई डॉक सेंटर भेजा गया था। करीब 50 लाख रुपये की लागत से इसकी व्यापक मरम्मत की गई और इसे आधुनिक तकनीक से लैस किया गया। नियमों के अनुसार हर पांच वर्ष में ड्राई डॉकिंग कराना अनिवार्य होता है, ताकि इंजन, ढांचे और सुरक्षा प्रणाली की गहन जांच की जा सके। सभी तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही इसे वापस पटना लाया गया और अब यह दोबारा सेवा में लौट आया है।


करीब 300 यात्रियों की क्षमता वाला यह रो-पैक्स क्रूज पटना में रिवर क्रूज पर्यटन को नई पहचान देने की क्षमता रखता है। केंद्र सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इसे बिहार को उपलब्ध कराया गया था। इसके दोबारा शुरू होने से न केवल स्थानीय पर्यटन को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी की संभावना है।


इस क्रूज की खास बात यह भी है कि इसे निजी कार्यक्रमों के लिए बुक किया जा सकता है। जन्मदिन, सालगिरह, कॉर्पोरेट मीटिंग या अन्य विशेष आयोजनों के लिए इसकी सुविधा उपलब्ध है। एक घंटे के लिए इसका किराया 30 हजार रुपये से शुरू होकर आठ घंटे के लिए लगभग डेढ़ लाख रुपये तक जाता है। गंगा के बीचों-बीच किसी खास मौके का जश्न मनाना लोगों के लिए अनोखा अनुभव साबित हो सकता है।


रो-पैक्स क्रूज की वापसी से पटना में जल पर्यटन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में यदि इसका नियमित और निर्धारित समय पर संचालन शुरू हो जाए, तो यह सेवा न केवल शहरवासियों बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन सकती है। गंगा की गोद में बसे इस ऐतिहासिक शहर में अब सैर का यह नया-पुराना अंदाज फिर से लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला रहा है।